
नोएडा। वैश्विक रूप तेजी से फैल रहा कोविड़-19 वायरस संक्रमण को रोकने के लिए सोशल डिस्टेन्सिंग सबसे कारगर उपाय साबित हो रहा है। इसे पूरी दुनिया में तेजी से अपनाया भी जा रहा है। यही वजह है कि देशभर में लॉकडाउन में लोगों से शारीरिक दूरी का पालन करने के लिए कहा जा रहा है। लेकिन सोशल डिस्टेन्सिंग को उस समय मेंटेन करना काफी मुश्किल होता है जब लाइन में खड़े हो। नोएडा के एपीजे स्कूल के छात्र पार्थ बंसल ने लॉकडाउन के समय में एक ऐसा उपकरण तैयार किया है, जिसे पहनकर लोग सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से इसी साल सम्मानित हुए पार्थ बंसल एपीजे स्कूल में कक्षा 12वीं के छात्र पार्थ बंसल कम उम्र में ही कई आविष्कार कर चुके हैं। उनका नवीतम आविष्कार है अल्ट्रासोनिक सेंसर मशीन। इस मशीन को हाथों में पहनने के बाद अगर किसी व्यक्ति के एक मीटर की दूरी में कोई मनुष्य आएगा तो वह अलार्म के रूप में बजने लगेगी और इससे व्यक्ति सावधान हो जाएगा और सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन सही तरह से कर सकेगा।
इतनी होगी कीमत
ये मशीन बनाने का विचार कैसे आया इस बारे में पार्थ का कहना है कि लॉकडाउन के पहले चरण में ही वह एक दिन घर के लिए जरूरी सामग्री लेने गए तो देखा कि लोग शारीरिक दूरी का पालन करने की कोशिश तो कर रहे हैं। लेकिन उन्हें दूरी का सही अंदाजा नहीं हो पाता है, इसलिए उन्होंने ऐसा उपकरण बनाने की सोची और एक दिन के अंदर इसे तैयार भी कर लिया। एक उपकरण की लागत 600 से 700 रुपये तक है।
जल्द मार्केट में होगा उपलब्ध
पार्थ का कहना है अपने इस आविष्कार को 'इग्नाइट अवार्ड' के साथ साझा कर चुके हैं और वहां से मंजूरी मिलने पर इसे बाजारों में भी लाया जा सकेगा। पार्थ बताते हैं इसे बनाना काफी आसान है।जनता के बीच आवश्यक कार्यों के लिए तैनात हुए कर्मचारियों के लिए यह फायदेमंद साबित हो सके। पार्थ के पिता अपने पुत्र की उपब्धियों पर काफी खुश हैं। वे कहते हैं कि ये सब चीजे ऐसी जिसमें बच्चो को परिवार से मोटीवेशन नहीं मिल पता है।
Updated on:
29 Apr 2020 01:11 pm
Published on:
29 Apr 2020 01:10 pm
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