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सपा-बसपा गठबंधन के बाद फोटो को लेकर शुरू हुई ‘रार’, लोकसभा चुनाव में बिगड़ सकता है खेल

फोटो को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता गठबंधन उम्मीदवार सतवीर नागर से बेहद खफा हैं।
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नोएडा। चुनावी समय में छोटी सी बात भी बड़े असंतोष का कारण बन जाती है। ऐसा ही कुछ मौजूदा लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए लगाए गए पोस्टर में छपी समाजवादी पार्टी के एक नेता की फोटो को लेकर दिखाई पड़ रही है। फोटो को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता गठबंधन उम्मीदवार सतवीर नागर से बेहद खफा हैं। चर्चा है कि अगर फोटो की सियासत को शीघ्र ठंडा कर सपा नेताओं की नाराजगी दूर नहीं की गई तो इसका असर चुनाव परिणाम पर भी पड़ सकता है।

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दरअसल, समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बीच लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश में गठबंधन हुआ है। गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट बसपा के खाते में है। यह बसपा सुप्रीमो मायावती का पैत्रिक जिला भी है। इसलिए यह सीट उनकी प्रतिष्ठा से भी जुड़ा हुआ है। इस सीट पर बसपा के सतवीर नागर को प्रत्याशी बनाया गया है। जिस दिन प्रत्याशी का ऐलान हुआ, उसी दिन से दोनों की पार्टियों के नेताओं के बीच एक लाइन खिंची दिखी। लेकिन, अब जिलेभर में लगाए गए एक पोस्टर को लेकर अंदरुनी विवाद छिड़ गया है।

क्या है पूरा मामला

बता दें कि कुछ दिन पहले लगाए गए पोस्टर में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष बीर सिंह यादव की फोटो नहीं लगाई गई थी। उस पर सपा के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर के साथ सपा से पूर्व प्रत्याशी रहे सुनील चौधरी की फोटो लगाई गई थी। इस पर बखेड़ा खड़ा हो गया। बताया जाता है कि सपा के जिलाध्यक्ष बीर सिंह यादव की नाराजगी के बाद उनकी फोटो के साथ कुछ बड़े होर्डिंग शहर में लगाए गए हैं। इससे उनकी नाराजगी तो दूर हो गई, लेकिन अब पार्टी के कुछ अन्य नेता सुनील चौधरी की फोटो को लेकर नाराज बताए जा रहे हैं।

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असंतुष्ट नेताओं का कहना है कि अगर पूर्व प्रत्याशी होने के नाते सुनील चौधरी की फोटो लगाई गई है तो पार्टी का एक और पूर्व प्रत्याशी है। उसकी भी फोटो लगाई जानी चाहिए। कुछ नेता तो यहां तक कह रहे हैं कि इस जिले में समाजवादी पार्टी के और भी नेता हैं। उनमें से कुछ तो दिग्गजों की श्रेणी में हैं। बावजूद इसके उनकी अनदेखी की गई। इससे उनके समर्थक भी नाराज हैं।