
नोएडा. कोरोना वायरस (coronavirus) के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए जहां देशभर में लॉकडाउन (Lockdown) लगा है। वहीं उत्तर प्रदेश के शहरों की बात करें तो नोएडा कोरोना के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं।यही वजह है कि जिले में लॉकडाउन के साथ धारा 144 लागू है। इसलिए मुुस्लिम लोगों से मस्जिद न जाकर घर में ही नमाज (Namaz) पढ़ने की अपील की गई है। वहीं कुछ लोग अभी भी बाज नहीं आ रहे हैं, जबकि निजामुद्दीन मरकज में तबलीगी जमात में शामिल दर्जनों लोगों को कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। ताजा मामला नोएडा सेक्टर-20 का है, जहां घर की छत पर भीड़ जुटाकर नमाज पढ़ने के मामले में 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
उल्लेखनीय है कि नोएडा में कोरोना पॉजिटिव पीड़ितों की संख्या 48 पहुंच गई है। वहीं नोएडा में बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारी बीएन सिंह और सीएमओ डॉ. अनुराग भार्गव को हटा दिया है। यही वजह है कि नोएडा में मेडिकल इमरजेंसी में ही लोगों को घरों से बाहर आने की इजाजत है, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग बाज नहीं आ रहे हैं और लगातार लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि नोएडा के थाना सेक्टर-20 स्थित एक घर की छत पर कुछ लोग एकत्रित होकर सोशल डिस्टेंसिंग का मजाक उड़ाते हुए नमाज पढ़ रहे थे। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
नोएडा में अब तक
बता दें कि स्वास्थ्य विभाग अब तक 696 लोगों के सैंपल ले चुका है। इनमें 445 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है और 48 पॉजिटिव पाए जा चुके हैं, जिनका आइसोलेशन वार्ड में उपचार किया जा रहा है। जबकि 203 कोरोना संदिग्धों की रिपोर्ट अभी भी आनी बाकी है। बुधवार को विभाग ने 70 नए कोरोना संदिग्धों के सैंपल लिए और जांच केंद्रों से 34 रिपोर्ट आई। इनमें 10 पॉजिटिव व 24 नेगेटिव मिली हैं। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो दस संक्रमित लोगों में 8 सीजफायर कंपनी के संपर्क में आए हैं। जबकि दो अन्य लोगों में विदेश यात्रा करने से कोरोना वायरस हुआ है।
Published on:
02 Apr 2020 10:59 am
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