
फोटो सोर्स IANS
उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश पर लगातार दो शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखेगा। इसके चलते कई जिलों में बारिश, तापमान में उतार-चढ़ाव और ठंड के दोबारा बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के मौसम में आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के मुताबिक इस बार आने वाले पश्चिमी विक्षोभ पहले की तुलना में ज्यादा प्रभावी होंगे। इनका असर प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में दिखाई देगा। मौसम वैज्ञानिक लगातार रडार और सैटेलाइट के जरिए स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
आईएमडी दिल्ली से मिले आंकड़ों के अनुसार लखनऊ और आसपास के इलाकों में 23 जनवरी को अच्छी बारिश होने की संभावना है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इसका असर एक दिन पहले यानी 22 जनवरी से ही शुरू हो सकता है। मौसम केंद्र का कहना है कि जनवरी महीने में अब तक तीन से चार पश्चिमी विक्षोभ जरूर आए। लेकिन वे कमजोर थे। इस बार जो सिस्टम आ रहा है। वह ज्यादा ताकतवर है।
मंगलवार को लखनऊ में दिन का अधिकतम तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 11 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी गई है। हवा में नमी कम रहने के कारण दिन में मौसम शुष्क रहा और तेज धूप भी निकली।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जब यह पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ जाएगा। तो बारिश के बाद आसमान साफ हो सकता है। हालांकि इसके साथ ही पछुआ हवाएं तेज होने की संभावना है। इससे एक बार फिर ठंड, गलन और कोहरे की स्थिति बन सकती है। हालांकि इसको लेकर अभी कोई पक्का अनुमान जारी नहीं किया गया है।
पूर्वांचल के गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, अयोध्या, लखीमपुर खीरी, बस्ती सहित 23 जिलों में 22 से 24 जनवरी के बीच बारिश होने के आसार हैं। इसके बाद तापमान में गिरावट हो सकती है। 26 जनवरी के आसपास एक और पश्चिमी विक्षोभ के आने से बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग का मानना है कि ला-नीना के प्रभाव के कारण इस बार ठंड लंबी चल सकती है।
Published on:
21 Jan 2026 07:21 pm
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