
नोएडा के बेटे को राजस्थान का मुख्यमंत्री बनने देखना चाहते हैं ये लोग
नोएडा। राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश समेत पांच राज्याें में चुनाव में दो तो पूरी तरह से भाजपा के हाथ से निकल गए जबकि मध्य प्रदेश में कांग्रेस सबसे बड़ा दल बनकर उभरा है। इसके बाद अब सभी राज्यों में जोड़तोड़ और मुख्यमंत्री को लेकर कयास शुरू हो गए हैं। इन्हीं में से एक मुख्यमंत्री का चेहरा नोएडा का बेटा भी है। दरअसल, राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष सचिन पायलट के पिता राजेश पायलट ग्रेटर नोएडा के गांव वैदपुरा में रहते थे। सचिन पायलट का यह पैतृक गांव है। राजस्थान में मुख्यमंत्री की रेस में सचिन पायलट और अशोक गहलोत में दौड़ चल रही है।
वैदपुरा में भी मना जश्न
राजस्थान में कांग्रेस की जीत के बाद सचिन पायलट के पैतृक गांव वैदपुरा में भी जमकर जश्न मना। मंगलवार को वहां पर खुशी का माहौल था। वहीं, सचिन पायलट के चचेरे भाई चमन लाल उर्फ महिपाल सिंह ने परिवार के बाकी सदस्यों के साथ गांव के बाहर बने बाबा भूरी सिंह के मंदिर पर पूजा की। इस दौरान उन्होंने सचिन पायलट को राजस्थान के मुख्यमंत्री बनने की मनोकामना भी मांगी।
टीवी से चिपके हुए थे परिवार के सदस्य
गांव के अन्य लोग भी सचिन पायलट को राजस्थान का मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते हैं। चुनाव परिणाम के समय गांव ओर सचिन पायलट के परिवार के सदस्य टीवी से चिपके हुए थे। टीवी पर कांग्रेस और सचिन की जीत की खबर सुनते ही सभी ने एक-दसरों को मिठाई खिलाई। महिपाल का कहना है कि वह चुनाव प्रचार के लिए सचिन पायलट के विधानसभा क्षेत्र टोंक गए थे। उनको उस समय चोट लगी हुई थी। इस कारण सचिन पायलट ने उन्हें वापस भेज दिया था।
राजनीतिक विरासत संभाल रहे हैं सचिन
महिपाल ने बताया कि राजेश पायलट 1980 में पहली बार राजस्थान के भरतपुर से चुनाव जीते थे। इसके बाद वह दौसा से चुनाव जीते थे। अब सचिन उनकी राजनीतिक विरासत को संभाल रहे हैं। सचिन दौसा और अजमेर लोकसभा क्षेत्र से सदस्य चुने गए थे। अब वह टोंक विधानसभा से एमएलए बने हैं। सचिन पायलट पिछले माह 8 नवंबर को गोवर्धन पूजा के लिए वैदपुरा आए थे। उस समय वे परिवार के साथ सामूहिक पूजा में शामिल हुए थे। वह हर साल अपने पिता की पुण्यतिथि पर यहां आते हैं।
Updated on:
12 Dec 2018 02:44 pm
Published on:
12 Dec 2018 12:18 pm
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