सोशल मीडिया पर प्रदूषण को लेकर हुई शिकायतें, 15 महीने में वसूले गए 14 लाख रुपये

Highlights

- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से की थी शिकायतें

- बोर्ड ने नोएडा मामले में मिली शिकायतें प्राधिकरण को भेजी, जहां से जांच आगे बढ़ी

- जांच में शिकायत सही मिली तो प्राधिकरण ने प्रदूषण फैला रहे लोगों से जुर्माना वसूला

आशुतोष पाठक

नोएडा। प्रदूषण फैलाने के मामले में नोएडा के लोगों से बीते 15 महीने में करीब 14 लाख रुपये की वसूली की गई है। यह वसूली नोएडा के 46 लोगों से हुई है। दिलचस्प यह है कि इन सभी 46 लोगों की शिकायत सोशल मीडिया पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) से की गई थी। बोर्ड ने इन शिकायतों को कार्रवाई के लिए नोएडा प्राधिकरण के पास भेज दिया था। प्राधिकरण ने कार्रवाई रिपोर्ट दायर करने के बाद इनसे जुर्माना वसूल किया। ज्यादातर शिकायतें वायु प्रदूषण को लेकर की गई थीं।

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यह जानकारी आरटीआई यानी सूचना का अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में सामने आई है। यह जानकारी नोएडा निवासी आरटीआई कार्यकर्ता रंजन तोमर ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मांगी थी। इसके जवाब में बोर्ड ने बताया कि 1 नवंबर 2018 से अब तक उसे नोएडा में वायु प्रदूषण को लेकर 46 शिकायतें मिली थीं। बोर्ड को यह शिकायतें सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म से मिली थी। बोर्ड के मुताबिक, ये शिकायतें आगे की कार्रवाई के लिए नोएडा प्राधिकरण के संबंधित विभाग को भेजी गई थी।

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बता दें कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड केंद्र सरकार के मौसम, वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के अधीन आता है। बोर्ड ने आरटीआई के जवाब में कहा कि वह नोएडा शहर में प्रदूषण के मामलों में मिली शिकायतों पर कार्रवाई नहीं कर सकता, इसलिए उसने इन सभी मामलों को नोएडा प्राधिकरण को भेज दिया था। नोएडा प्राधिकरण ने जांच के बाद करीब 14 लाख 32 हजार रुपये का चालान इन 46 लोगों से वसूला। यह वसूली 1 नवंबर 2018 से हाल तक में मिली शिकायतों के आधार पर की गई हैं।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ट्विटर पर सक्रिय है। बोर्ड ट्विटर पर @CPCB_OFFICIAL और @CPCBIndia की आईडी से दो फेसबुक आईडी संचालित करता है। इन पर प्रदूषण से संबंधित शिकायतों को वह विभिन्न शहरों से जुड़े मामलों के अधिकारियों को भेज देता है, जहां से इन शिकायतों की जांच होती है और उसके बाद आरोपी पर नियमानुसार कार्रवाई होती है।

Ashutosh Pathak
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