
पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा के कैलाश अस्पताल में जबरदस्त हंगामे का मामला सामने आया है। लोगों का आरोप है कि दिल्ली की एक गर्भवती महिला इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हुई थी। जहां डॉक्टर ने महिला का दो बार ऑपरेशन कर दिया। इसके बाद महिला और नवजात शिशु दोनों को वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। महिला की हालत बिगड़ती देख परिजनों ने डॉक्टरों पर गलत ऑपरेशन का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ता देख सांसद डॉ. महेश शर्मा भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने परिजनों से हाथ जोड़कर कहा कि महिला और नवजात दोनों जिंदा हैं और ठीक हैं। उन्हें यहां से पूरी तरह ठीक करके ही भेजा जाएगा।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में ऑपरेशन के बाद स्ट्रेचर पर ले जाई जा रही महिला का नाम दिल्ली निवासी आकांक्षा गुप्ता बताया जा रहा है। उसकी उम्र 24 साल है। कैलाश अस्पताल के खिलाफ नारेबाजी भी हो रही है। परिजनों के रोने-बिलखने की आवाज भी साफ सुनाई दे रही है। परिजनों का कहना है कि एक सितंबर को आकांक्षा की ऑपरेशन से डिलीवरी हुई थी। इसके बाद तबीयत बिगड़ने लगी तो 6 दिन बाद हमें बिना बताए ही इमरजेंसी में डॉक्टर ने दोबारा ऑपरेशन कर दिया। फिलहाल बच्चा नार्मल है, लेकिन आकांक्षी की तबीयत बेहद नाजुक है। बता दें कि आकांक्षा के पति आशू गुप्ता केमिस्ट हैं और दिल्ली के अशोकनगर में केमिस्ट शॉप संचालक हैं।
डॉ. महेश शर्मा हाथ जोड़कर बोले- जच्चा-बच्चा दोनों ठीक हैं
परिजनों का यह भी आरोप है कि उन्हें कोई भी सही जानकारी नहीं दी जा रही है। उनके परिवार के दोनों सदस्यों की हालत कैसी है? इस बात को लेकर जब अस्पताल में हंगामा किया तो सांसद डॉ. महेश शर्मा भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने परिजनों से हाथ जोड़कर कहा कि जच्चा-बच्चा जिंदा हैं और सही है।
सांसद के अनुरोध के बाद भी नहीं माने परिजन
वहीं, परिजन लगातार कह कर रहे थे कि उन्हें जानकारी दिए बिना दोबारा ऑपरेशन डॉक्टरों ने कैसे कर दिया? डॉ. महेश शर्मा के अनुरोध के बाद भी जब हंगामा जारी रहा, तब अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को फोन कर मामला शांत कराया। परिजनों ने कैलाश अस्पताल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है।
Published on:
08 Sept 2022 01:00 pm
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