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‘सियासी संकट में है सपा इसलिए पारिवारिक ड्रामा चल रहा है’

भाजपा नेता ने कहा 30 लोगों की मौत के दोषी है शिवपाल यादव
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Rajkumar Pal

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Updated: 15 Sep 2016, 12:32 PM IST

akhilesh and shivpal

akhilesh and shivpal

नई दिल्ली/नोएडा। समाजवादी पार्टी में चल रहा सियासी संकट एक पारिवारिक ड्रामा है। इसका जनता के हित से कुछ भी लेना देना नहीं है। अगर अखिलेश उत्तर प्रदेश के कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए जरा भी इच्छुक हैं तो सबसे पहले उन्हें शिवपाल यादव पर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। यह कहना है भाजपा नेता सिद्धार्थ नाथ सिंह का।

भाजपा नेता ने कहा कि शिवपाल स्थानीय तौर पर भ्रष्टाचार के अनेक आरोपों से घिरे हुए हैं। उनके ऊपर सपा कार्यकर्ताओं के द्वारा कई सन्देहास्पद गतिविधियों में भागीदारी के कई आरोप हैं। ज़मीनों के अवैध कब्जे की कई घटनाओं में उनका नाम सामने आता रहा है। इसलिए अगर अखिलेश यादव भ्रष्टाचार रोकने के नाम पर अधिकारी और नेताओं को हटा रहे हैं तो सबसे पहले यह काम अपने घर से ही शुरू करना चाहिए।

महज दिखाया है यह झगड़ा

भाजपा नेता ने कहा कि सपा परिवार का यह संकट सिर्फ एक नूरा कुश्ती है जो अखिलेश सरकार की भ्रष्ट छवि से जनता का ध्यान बंटाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। लेकिन सपा की यह कोशिश किसी भी तरह जनता स्वीकार नहीं करेगी और आने वाले चुनाव में सपा को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।

शिवपाल पर हैं गंभीर आरोप

समाजवादी पार्टी के बड़े नेता शिवपाल यादव पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। हाल ही में आगरा के जवाहर बाग पार्क पर रामवृक्ष यादव नामक व्यक्ति के द्वारा अवैध कब्जा किए जाने के मामले में भी शिवपाल यादव का नाम सामने आया था। कथित तौर पर रामवृक्ष यादव शिवपाल का ही आदमी था जो उनके इशारे पर जवाहरबाग पार्क पर कब्जा किए बैठा था।

अखिलेश सरकार से की गई थी शिकायत

भाजपा नेता श्रीकांत शर्मा के अनुसार स्थानीय पुलिस ने अखिलेश सरकार को 80 से ज्यादा बार यह बात लिखित रूप से सूचित किया था कि रामवृक्ष के द्वारा जवाहरबाग पार्क में अवैध कब्जा किया जा रहा है। वहां अवैध गतिविधियां चल रही हैं लेकिन तब अखिलेश सरकार जानबूझकर सोई रही। अखिलेश सरकार की नींद तब भी नहीं टूटी जब इस मसले को कोर्ट में उठाया गया।

शिवपाल है दोषी

अंततः जब कोर्ट के आदेश के बाद परिसर खाली कराने का आदेश जारी हुआ, तब उसमें पुलिस के दो बड़े अधिकारियों समेत 30 लोगों की जान चली गई। भाजपा नेता के अनुसार इस हत्याकांड के लिए सीधे तौर पर शिवपाल यादव जिम्मेदार हैं। अगर अखिलेश यादव प्रशासन के मुद्दे पर सच में गंभीर हैं तो उन्हें सबसे पहले शिवपाल यादव पर ही कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।