
नोएडा। एससी-एसटी एक्ट के विरोध में नोएडा के तमाम बुद्धिजीवी संगठन एक साथ मैदान में आ गए हैं। इन संगठनों के पदाधिकारियों ने 6 सिंतबर को इस एक्ट के विरोध में नोएडा बंद का ऐलान किया है। लोगों का कहना है कि इस एक्ट का दुरुपयोग सबसे ज्यादा सवर्ण समाज के लोगों पर किया जाता है। इसलिए इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
नोएडा में फोनरवा के अध्यक्ष एनपी सिंह, नोएडा लोकमंच के महासचिव महेश सक्सेना, नोएडा एंटरप्रिन्योर्स एसोशिएसन के अध्यक्ष विपिन मल्हन व नवरत्न फाउंडेशन के अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से नोएडा बंद का ऐलान किया है। इन सभी लोगों ने 6 सितंबर को इस एक्ट के विरोध में लोगों से अधिक से अधिक संख्या में भारत बंद को समर्थन देने की अपील की। महेश सक्सेना ने कहा कि एससी-एसटी के दुरुपयोग के कारण ही निर्दोष रिटायर्ड कर्नल वीरेंद्र सिंह चौहान को जेल जाना पड़ा।
वहीं ग्रेटर नोएडा में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष सतपाल बजरंगी ने भी 6 सितंबर को बंद का ऐलान किया है। आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी-एसटी एक्ट की कार्रवाई होने पर पीड़ित व्यक्ति की तत्काल गिरफ्तारी के नियम को बदल दिया था। इसके बाद दलित संगठनों ने इसका आरोप केंद्र सरकार पर लगाते हुए 2 अप्रैल को पूरे देश में भारत बंद का आयोजन करते हुए हिंसक प्रदर्शन किया था।
इस दौरान बड़ी संख्या में उपद्रवियों पर कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारियां हुईं थीं। जिसके बाद केंद्र सरकार ने संसद द्वारा विधेयक पारित कर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलट दिया जिसका अब सवर्ण समाज के लोगों द्वारा कड़ा विरोध किया जा रहा है। इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ व तमाम प्रदेशों से लेकर पूरे देश में इस एक्ट का चौतरफा विरोध हो रहा है।
Published on:
5 Sep 2018, 3:37 PM IST
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