
सुपरटेक बिल्डर की ट्विन टावर का वक्त पूरा, ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू
सुपरटेक बिल्डर के गुरुर और नियमों की अनदेखी पर सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा सबक दिया है। सेक्टर-93 ए नोएडा में बने ट्विन टावर को गिराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हाईटेक मशीनों और सिद्धहस्त इंजीनियर का जमावड़ा लग गया है। करीब 100 लोगों की टीम ने मौके पर पहुंच कर ट्विन टावर को गिराने का काम शुरू कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद डिमॉलिशन के लिए 20 फरवरी से 22 मई तक का समय अलॉट किया गया था। और 22 अगस्त तक मलबा हटाने का काम चलेगा। सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट प्रोजेक्ट ने ट्विन टावर बनाने में कई नियमों की अनदेखी की। 9 मंजिला इमारत बननी थी। बिल्डर्स ने 40 फ्लोर की की दो इमारतें खड़ी कर दीं। ट्विन टावर को गिराने में करीब 17.55 करोड़ रुपए लागत आएगी वहीं, करीब 13.35 करोड़ रुपए का मलबा निकलेगा।
मात्र 10 सेकेंड में ध्वस्त हो जाएगा ट्विन टावर
मुंबई की कंपनी एडिफिस ट्विन टावर को गिराएगी। ट्विन टावर को गिराने के लिए कई स्थानों पर विस्फोटक लगाए जाएंगे। इमारत को ध्वस्त करने में मात्र 10 सेकेंड का समय लगेगा। सिर्फ 90 दिन का वक्त मलबा साफ करने में लगेगा। कंपनी को एडवांस के रूप में पेमेंट कर दिया गया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि अगस्त तक कंपनी मलबे को साफ कर लेगी।
एडिफास कंपनी को मिला ठेका
एडिफास कंपनी दक्षिण अफ्रीका के जोहानसबर्ग में 108 मीटर ऊंची इमारत को ध्वस्त कर चुकी है। ट्विन टावर के एक टॉवर का नाम सियान और दूसरे का एपेक्स है। दोनों टॉवरों की ऊंचाई करीब 100 मीटर है। और दोनों टावरों के बीच की दूरी महज 9 मीटर है। चुनौती तो है पर एडिफास ऐसे कामों के लिए जानी जाती है। एडिफास ने कोच्चि में भी ऐसी एक इमारत को ध्वस्त किया है।
Published on:
22 Feb 2022 05:45 pm
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