
कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद मजबूत हुए फाैज के हाथ, देखें विश्लेषण
नोएडा। गृह मंत्रालय में लगाई गई एक RTI का जब विश्लेषण किया गया ताे सुखद बाद सामने आई। पता चला कि, संविधान की धारा 370 को हटाने के बाद भारतीय सेना के हाथ मजबूत हुए हैं। जब धारा 370 ( Article 370 ) के हटने से पहले और बाद में हुए ( terrorist attacks ) आतंकी हमलों और उनमें शहीद हुए सैनिकों की संख्या का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया ताे पता चला कि, 2018 से लेकर 2019 तक और उसी वर्ष धारा 370 के हटने के बाद शहीद होने वाले जवानों की संख्या आधी से भी कम हो गयी है।
यह जानकारी नोएडा के रहने वाले ( RTI activist ) रंजन तोमर ने मांगी थी। मिली जानकारी के मुताबिक जम्मू एवं कश्मीर ( kashmeer ) में नवंबर 2018 से जुलाई 2019 तक 368 आतंकवादी घटनाएं हुईं जबकि इसी अवधि में अगस्त 2019 अर्थात धारा 370 के हटने के बाद से जानकारी मिलने तक 390 घटनाएं हुईं, पहली अवधि में 188 आतंकवादी मारे गए जबकि दूसरी घटनाओं में 101 आतंकवादियों का सफाया हुआ। आरटीआई में दिये जवाब में ये बात सामने आई है कि विभिन्न आपरेशन में शहीदों होने वाले जवानो की संख्या आधी से भी कम हो गयी है।
आरटीआई के अनुसार 2018 से 2019 तक यानी के 370 हटने से पहले 85 जवान देश के लिए शहीद हो गए , जबकि इस धारा के हटने के बाद उतनी ही अवधि में 34 जवान शहीद हुए, जो दर्शाता है के इस धारा के हटने के बाद फ़ौज के हाथ मज़बूत हुए हैं और अब कहीं न कहीं हमारे कम जवान शहीद हो रहे हैं जो काफी हद तक राहत देने वाली बात है। आतंकवादी मारे जाएँ या नहीं, पर देश के जवानों की ज़िन्दगी सबसे कीमती है जो धारा 370 हटने के बाद बचाई जा रही है।
Updated on:
27 Sept 2020 11:00 pm
Published on:
27 Sept 2020 10:56 pm
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