
नोएडा: कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय की स्पष्ट गाइड लाइन हैं कि मेडिकल वेस्ट को किस प्रकार निपटाना है, उसके बाद भी बड़ी लापरवाही जनपद के जिला अस्पताल में देखने को मिली है। यहां अस्पताल में इस्तेमाल पीपीई किट को आम कूड़े के डिब्बे में डाल दिया गया। जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसका वीडियो वायरल होने के बाद पूरे प्रशासन में हड़कंप मच गया है। जिसमें अब जांच कर कार्रवाई की बात कही जा रही है।
जांच के आदेश
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए डॉक्टरों को दी जाने वाली पर्सनल प्रोटक्शन इक्विपमेंट किट(पीपीई किट) इस्तेमाल के बाद इसका डिस्पोजल कोविड़ गाइडलाइन के तहत बायो मेडिकल वेस्ट नियमों के तहत क्या जाना होता है। लेकिन नोएडा के जिला अस्पताल के डस्टबिन में पीपीई किट को खुलेआम पड़ा देखा जा रहा है। जिसके कारण संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने सारे मामले की जांच करने का आदेश दिया है। सीडीओ अनिल कुमार ने कहा की इस बात की जांच जरूरी है की इन पीपीई किट को किसने फेका है, इस्तेमाल किए हुए पीपीई किट से संक्रमण फैलने का खतरा है।
ये हैं नियम
यहां बता दें कि कोविड गाइडलाइंस के तहत बायोमेडिकल वेस्ट नियमों के अनुसार कूड़े का निस्तारण किया जाना होता है। इसके लिए अस्पताल में लाल, काले, पीले और सफेद रंग के डस्टबिन रखे गए हैं। पीपीई किट को इस्तेमाल करने के बाद हाइपोक्लोराइट के घोल में डुबाया जाता है और बाद में इसे बैग में पैक किया जाना होता है। क्वारेंटीन केंद्रों से जो कचरा निकलता है, उसे पीले बैग में इकट्ठा करके बॉयोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट में भेजना होता है।
Published on:
31 May 2020 10:04 am
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