गुर्जर वोटों को मनाने या अपनी आेर खींचने का मौका वैसे तो कोर्इ पार्टी नहीं छोड़ रही है, लेकिन भाजपा की आेर से एक बड़ी चूक हो गर्इ है। वो ये है कि पीएम मोदी ने वेस्ट के गुर्जरोें को लुभाने की कोशिश ही नहीं की। उन्हें लगता हैै कि गुर्जर वोटर्स ने जिस तरह से लोकसभा चुनावों में उनका साथ दिया था, इस विधानसभा चुनावों में भी देंगे, लेकिन इस बार एेसा संभव नहीं होता दिखार्इ दे रहा है। गुर्जर नेता बाबू हुकुम सिंह को मंत्रिमंडल में आने के पूरे आसार थे। गुर्जरों को भी पूरी आस थी कि वेस्ट के गुर्जर सांसद को मौका मिलेगा, लेकिन एेसा नहीं हुआ। मोदी ने वेस्ट यूपी के गुर्जरों को अपने खिलाफ सा कर लिया है। जब इस बारे में वेस्ट यूपी में पार्टी के मीडिया प्रभारी आलोक सिसोदिया से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इससे कोर्इ दिक्कत नहीं होने जा रही है। मंत्रिमंडल में हमारे पास गुर्जर सांसदों को जिम्मेदारी पहले से दी हुर्इ है। नेता तो नेता ही होता है।