8 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

टूट गया दशक से भी ज्यादा का रिकॉर्ड, इतना ठंडा रहा ये शहर, देखें वीडियो कांप जाएंगे आप सड़कों पर ठिठुर रहे गरीब,

नोएडा में ठंड का कहर, शेल्टर होम पर लगा है ताला, लोग खुले आसमान के नीचे सोने को मज़बूर

2 min read
Google source verification
noida

टूट गया दशक से भी ज्यादा का रिकॉर्ड, इतना ठंडा रहा ये शहर, देखें वीडियो कांप जाएंगे आप सड़कों पर ठिठुर रहे गरीब,

नोएडा। पहाड़ों में हुई बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिख रहा है। एनसीआर में जहां कड़ाके की ठंड पड़ रही है, वहीं आज सुबह से कोहरा छाया हुआ है। वहीं इस ठिठुरन वाली सर्दी में बेसहारा खुले आसमान के निचे ठंडी हवाओं के बीच खुद को बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। जो कि सर्दियों में प्रशासन और सरकार के इंतजाम पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

गरीबों का सहारा है शेल्टर होम

गरीब बेसहारा को ठंड में गुजर बसर करने के लिए शेल्टर होम बनाए गए हैं। लेकिन अब ये शेल्टर होम केवल दिखाए और कागजी कार्रवाई के लिए रह गए हैं, क्योंकि इस बार की ठंड शेल्टर होम में ताला लगा मिला और शेल्टर होम का गार्ड घोड़े बेचकर सोता दिखाई दिया। जबकि गरीब अनाथ बेसहारा सड़कों पर ठिठुरते दिखे।

रविवार को टूटा 12 साल का रिकॉर्ड

ठंड के कारण शहर के कई जगह लोग आलाव लगाकर ठंड को दूर करते दिखे तो कई खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर दिखे। शहर में हल्की धुंध छाये रहने से दृश्यता भी कम रही। मौसम विभाग के आंकड़े के मुताबिक, पिछले 12 साल में दिसंबर महीने में दूसरा न्यूनतम तापमान 29 दिसंबर 2007 को दर्ज किया गया था, जिस दिन तापमान 3.9 डिग्री सेल्सियस रहा था। लेकिन बार पारा गिरकर 3.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

नहीं है रात गुजारने के लिए छत

ऐसे समय में बेघर और गांव से कमाने आए लोगों के लिए शेल्टर होम बड़ा सहारा होता है, लेकिन कड़ाके की इस ठंड में भी लोग खुले आसमान के नीचे रात गुजरने के लिए मजबूर हैं। ऐसे ही नोएडा के अट्टापीर के पास जल रहे अलाव के साथ कड़ाके के ठंड कर मुक़ाबला कर रहा विमला का परिवार, विमला और उसका परिवार मूर्ति बनाने का काम करता है।

एक तरफ ठंड का कहर है तो वहीं दूसरी ओर रविवार को नोएडा की हवा सबसे अधिक जहरीली रही। खबरों के मुताबिक वायु का गुणवत्ता सूचकांक 466 दर्ज किया गया। बताया जा रहा है कि तीन दिनों से वायु प्रदूषण के स्तर में लगातार बढ़ोतरी जारी है। इसके साथ ही स्मॉग के कारण सांस रोगियों को भी परेशानी का सामना कर सकते है।