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आ​खिरकार वर्ल्ड टेस्ट 11 में विराट को जगह, मिली कप्तानी

आईसीसी ने साल की टेस्ट वल्र्ड 11 में भारतीय टेस्ट कप्तान विराट कोहली को जगह नहीं दी, जो काफी चर्चा में रहा। अब इंग्लैंड के प्रतिष्ठित अखबार द गार्जियन के लेखकों के 11 लोगों के पैनल ने स्पिन बेस्ट टेस्ट टीम 2016 की घोषणा की है। इस टीम में विराट कोहली समेत दुनिया के कई दिग्गजों ने जगह बनाई है।

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Nikhil Sharma

Dec 27, 2016

virat kohli to lead cricket australias test team o

virat kohli to lead cricket australias test team of the year

नई दिल्ली।
द गार्जियन अखबार के 11 लेखकों ने पूरा विचार विमर्श करके 2016 में खिलाडिय़ों के टेस्ट प्रदर्शन के आधार पर टीम का चुनाव किया है। 11 लोगों के पैनल में विक माक्र्स, अली मार्टिन, टीम डे सिस्ले, रोब स्मिथ, बा​र्ने रोने, रसल जैक्सन, विश हंथराजाह, विल मेक्फेरसन, डन लुकास, निक मिलर शामिल हैं।


एलेस्टर कुक (इंग्लैंड)

17 टेस्ट, 1270 रन, 42.33 औसत

जुलाई में पाकिस्तान के खिलाफ 105 रनों की पारी लॉडर्स में खेलने से पहले इंग्लैंड की बल्लेबाजी बेहद जूझ रही थी। हालांकि एलेस्टर कुक ने अपनी 8 पारियों में से 7 में 40 या उससे ज्यादा रन बनाए हैं। राजकोट में 130 रन बनाकर पारी घोषित करने के अलावा इस साल उन्होंने ढाका में 59, विशाखापटटनम में 54, मुंबई में 46 और चेन्नई में 49 रन बनाए। ये साल ओपनरों के लिए बेहद खराब रहा है, सिर्फ टॉम लाथम और अजहर अली ही अच्छा कर पाए, लेकिन एलेस्टर कुक से कम।


जो रूट (इंग्लैंड)

17 टेस्ट, 1477 रन, औसत 49.23


टिम डि लिसले के अनुसार जो रूट के लिए ये साल बेहद शानदार रहा है, लेकिन ओपनर इस साल ज्यादा कुछ नहीं कर सके। डेविड वार्नर ने वनडे में बेहतरीन प्रदर्शन किया, लेकिन टेस्ट में उनका औसत 35 का रहा है। ऐसे में जो रूट इस ओपनिंग पॉजिशन पर सटीक बैठते हैं। रूट ने इस साल तीन बेहद कीमती पारियां अपनी टीम के लिए खेली। इसमें वांडरर्स में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लगाए उनके 110 रन, ओल्ड ट्रेफर्ड में पाकिस्तान के खिलाफ विपरित परिस्थितियों में बनाए उनके 254 रन और राजकोट में उनके बनाए 124 रन बेहद महत्वपूर्ण रहे। इसके अलावा भी उन्होंने कई 50 भी ठोके।


चेतेश्वर पुजारा (भारत)

11 टेस्ट, 836 रन,55.73 औसत


ये चेतेश्वर पुजारा के लिए अजीब है कि उनकी खुद की होम टीम गुजरात लायंस ने उन्हें आईपीएल में अपनी टीम से रिलीज कर दिया है। वेस्टइंडीज में चेतेश्वर नहीं, चले जिससे उनकी जगह पर रोहित शर्मा को टीम में शामिल किया गया, लेकिन ये विराट और कुंबले का चेतेश्वर पर भरोसा ही था कि उन्होंने न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ जबरदस्त वापसी की। पुजारा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ नाबाद शतक जड़ा तो वहीं, तीन 50 भी लगाए। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ चेतेश्वर ने एक के बाद एक शतक भी जड़े।


विराट कोहली, कप्तान (भारत)

12 टेस्ट, 1215 रन, 75.93 औसत


इस साल विराट होहली ने क्रिकेट के तीनों फोर्मेट में जबरदस्त बल्लेबाजी की है। विराट कोहली वनडे में तो कई सालों से नंबर वन स्पॉट पर हैं ही, लेकिन इस साल उन्होंने टेस्ट में भी जबरदस्त खेल दिखाया। विराट ने टेस्ट में साल की जबरदस्त शुरूआत एंटिगा में वेस्टइंडीज के खिलाफ दोहरा शतक लगाकर की। इसके बाद उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ और इंग्लैंड के खिलाफ भी दोहरा शतक जड़ा। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 167 रनों की पारी भी खेली। इसके अलावा उन्होंने कप्तानी में भी बेहतरीन किया और भारत को विश्व में नंबर वन बनाया तो 18 टेस्ट में अपराजित भी रहे। कोहली दो खिलाडिय़ों में एक रहे जिस पर सभी 11 सेलेक्टरों ने हां भरी।


स्टीव स्मिथ (आस्ट्रेलिया)

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10 टेस्ट, 914 रन, 60.93 औसत

स्टीव स्मिथ की जबरदस्त फार्म ने उन्हें साल भर वल्र्ड रैंकिंग में नंबर वन बनाए रखा। न्यूजीलैंड के खिलाफ 71, 138, 53 रनों की पारियों से उन्होंने साल की शुरूआत की। इसके बाद श्रीलंका में उनकी पहले टेस्ट में जुझारू 55 रन और तीसरे टेस्ट में 119 रनों ने उन्हें सबसे आगे लाकर खड़ा कर दिया। बाद में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घर में 60 रन और 193 रनों की पारी स्मिथ ने खेली।


बेन स्टोक्स, (इंग्लैंड)

12 टेस्ट, 904 रन, 45.2 औसत, 33 विकेट


बेन स्टोक्स ने साल की शुरूआत जबरदस्त की, जब उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 258 रनों की जबदरस्त पारी खेली। इसके बाद पूरे साल बेन स्टोक्स ने दिखाया कि वो किसी भी रोल में सटीक बैठते हैं। इसके बाद उन्होंने बांग्लादेश और भारत में भी कई महत्वपूर्ण पारियां खेली। गेंद के साथ उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 4, भारत के खिलाफ 5 विकेट मोहाली में चटकाए।


जॉनी बेयरस्टो, विकेटकीपर (इंग्लैंड)

17 टेस्ट, 1470 रन, 58.8 औसत, 66 कैच


आठ महीने पहले तक 4 स्टंपिंग करने वाले जॉनी बेयरस्टो कहीं टीम में भी नहीं बनते थे, लेकिन साल के अंत तक बेयरस्टो ने सबसे ज्यादा रन बनाए और किसी भी अन्य विकेटकीपर से अधिक कैच लपके। इस समय वो इंग्लैंड के सबसे जबरस्त बल्लेबाज बने हैं जिन्होंने लगातार रन बनाए है। 17 बार उन्होंने 40 या उससे अधिकर रन बनाए तो, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन में 150 रन की पारी खेली। इसके अलावा उन्होंने अपने घर में श्रीलंका के खिलाफ 140 और 167 रनों की भी जबरदस्त पारी खेली।


रविचंद्रन अश्विन,(भारत)


12 टेस्ट, 612 रन, 43.71 औसत, 72 विकेट

सभी की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए रविचंद्रन अश्विन इस साल के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने। इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई में उन्होंने 112 पर 6 ​पहली पारी में और 55 पर 6 दूसरी पारी में झटके। ये अश्विन का सातवी बार मैच में 10 विकेट थे। उनके अलावा इतने कम मैचों में 7 बार 10 विकेट मैच में लेने का रिकॉर्ड बेयर्न और क्लेरे ग्रिम्मेट के नाम था। इस साल उन्होंने वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ जबरदस्त गेंदबाजी की, इसके अलावा वेस्टइंडीज में नंबर 6 पर प्रमोट किए गए ​अश्विन का बल्ला भी खूब चला। जिसके बाद आईसीसी ने भी उन्हें साल का बेस्ट आलराउंडर करार दिया।


रंगना हैराथ, (श्रीलंका)

8 टेस्ट, 54 विकेट, 17.53 औसत


श्रीलंका के रंगना हैराथ ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज में जबरदस्त खेल दिखाते हुए 3 टेस्ट में 28 विकेट चटका डाले। उन्होंने कोलंबो टेस्ट में 13 विकेट, पल्लेकल में 9 विकेट और गाले में 6 विकेट चटकाए। इसके अलावा उन्हें जिम्बाब्वे के छोटे दौरे पर कप्तान बनाकर भेजा गया, जहां भी उन्होंने 19 विकेट चटका डाले। कुल मिलाकर उनके लिए ये जबरदस्त साल रहा।


मिचेल स्टार्क, (आस्ट्रेलिया)

7 टेस्ट, 45 विकेट, 21.51 औसत

स्टार्क अपने चोट की वजह से साल के पहले 6 महीने चूक गए। श्रीलंका में मिचेल स्टार्क ने 24 विकेट चटकाए। उन्होंने 94 रन देकर 11 विकेट भी चटकाए, उनसे आगे श्रीलंका में तेजी से विकेट लेने के मामले में चामिंडा वास ही उनसे आगे हैं। इसके बाद घरेलू सीरीज में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पर्थ में 71 पर 4, एडिलेड में 80 पर 4 विकेट चटकाए।


कगिसो रबाडा, (दक्षिण अफ्रीका)

8 टेस्ट, 42 विकेट, 22.23 औसत

ये साल रबाडा के लिए पहला शानदार साल रहा है। जबसे नवंबर में उन्होंने भारत के खिलाफ पदार्पण किया था। इंग्लैंड के खिलाफ सेंचुरियन में उन्होंने 112 पर 7 और 32 पर 6 विकेट लिए, उस समय वह 20 वर्ष के थे। इतनी उम्र में उनसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में मात्र नरेंद्र हिरवानी ही हैं। अगस्त में न्यूजीलैंड के खिलाफ एक बार दोबारा उन्होंने 5 विकेट चटकाए। इसके बाद पर्थ में 7 विकेट लेकर उन्होंने अपनी टीम को जीत दिलाई, होबार्ट टेस्ट में भी उन्होंने 5 विकेट लिए। कुल मिलाकर ये साल उनके लिए बेहतरीन रहा।