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आर्थिक पैकेजः अर्थव्यवस्था होगी गतिशील नए पैकेज से

हाल ही में सरकार ने अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए 9 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है
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Sunil Sharma

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Updated: 29 Oct 2017, 1:59 PM IST

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- डॉ. जयंतीलाल भंडारी, आर्थिक विशेषज्ञ

सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार के मौके लगातार घट रहे हैं, यह सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। इससे भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि असंगठित क्षेत्र में नोटबंदी और जीएसटी के बाद रोजगार की चिंताएं बढ़ी हैं।

हाल ही में सरकार ने अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए 9 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। इसमें सबसे बड़ी 6.92 लाख करोड़ रुपए की सडक़ निर्माण परियोजनाएं हैं। उम्मीद की जा रही है कि इस पैकेज के बाद अर्थव्यवस्था मजबूती की डगर पर आगे बढ़ेगी। वैश्विक संगठनों की ऐसी उत्साहवर्धक रिपोर्टें आई हैं, जिनमें अगले वित्त वर्ष 2018-19 से विकास दर बढऩे का विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। भारत को आर्थिक और कारोबार सुधारों के साथ-साथ स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सुधारों की प्रक्रिया को भी निरंतर जारी रखना होगा।

ऐसे सुधारों से ही वर्ष 2018-19 के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था का प्रभावी रूप दिखाई देगा। वस्तुत: प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद ने कम होती विकास दर को पटरी पर लाने के लिए आर्थिक पैकेज की जरूरत प्रतिपादित की थी। नोटबंदी और गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के प्रभावों के चलते देश की विकास दर लगातार गिरावट के साथ 5.7 फीसदी तक पहुंच चुकी है। सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार के मौके लगातार घट रहे हैं, यह सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। इससे भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि असंगठित क्षेत्र में नोटबंदी और जीएसटी के बाद रोजगार की चिंताएं बढ़ी हैं।

वहीं दूसरी ओर वित्तीय ढांचे के तहत सरकार की आय घटी है तथा व्यय बढ़े हैं। ऐसे प्रतिकूल आर्थिक माहौल में जरूरी है कि सरकार की बड़ी योजनाओं के तहत सही समय पर सही रकम सही व्यक्ति को मिलना सुनिश्चित किया जाए। यह भी देखना होगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम जरूरतमंदों तक पहुंचे। इसके साथ ही जन कल्याण की योजनाओं की उपयुक्त स्तर पर निगरानी भी जरूरी है। चूंकि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2022 तक कृषि आय को बढ़ाकर दो गुना करना है, अतएव इस सेक्टर पर प्राथमिकता से ध्यान देना जरूरी है। माना जा रहा है कि देश में प्रभावी मांग बढ़ाने और तेज विकास दर के लिए नया आर्थिक पैकेज लाभप्रद होगा।