कृष्ण हंसे, 'ठीक कहती हैं बुआ! पापी को दंडित होना ही चाहिए किंतु दंडित केवल पापी ही नहीं होगा, पाप में उसका सहायक, उसका रक्षक और उस पाप के फल का भोक्ता भी होगा।Ó 'उनकी सूची तो बहुत लंबी है पुत्र!Ó 'न्याय सूची देखकर तो नहीं होता बुआ!Ó कृष्ण उठ खड़े हुए, 'तो चलूं, हस्तिनापुर के युवराज से भी भेंट कर आऊं।