
आपकी बात, क्या भारत में गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जाना चाहिए
गाय को घोषित किया जाए राष्ट्रीय पशु
गाय अनमोल रत्न है। इसकी रक्षा और सेवा हम सभी का परम कर्तव्य है। भारत में गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा काफी पहले दे दिया जाना चाहिए था। इससे गौवध में कमी आ जाती। निस्संदेह भारत में गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जाना चाहिए। इस महत्वपूर्ण कदम से देश के गौवध में गिरावट तो आएगी ही, साथ ही गौवंश के संरक्षण में भी अनिवार्य रूप से बढ़ोतरी होगी।
- दुर्ग सिंह झाला, बिलाड़ा, जोधपुर
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आयुर्वेद में उपयोगी
गाय के दूध, मूत्र व गोबर के चमत्कारिक लाभ से हम परिचित हैं। सृष्टि के आरम्भ से अब तक गाय का हमारे समाज में आदरणीय स्थान है। गाय को गौमाता कहा जाता है। आयुर्वेद में कुछ रोगों को ठीक करने में गो उत्पादों की महत्वपूर्ण भूमिका मानी गई है। वर्तमान में गाय का संरक्षण जरूरी है। इसलिए यथाशीघ्र गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए।
-युवान, सीकर
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संस्कृति की रक्षा
गौमाता पूजनीय है। पौराणिक दृष्टि से भी और आज भी। गौहत्या रोकने व हिन्दू संस्कृति की रक्षा के लिए गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर देना चाहिए। गौमाता हमारी प्राचीन धार्मिक व पौराणिक संस्कृति का अंग है। संस्कृति की रक्षा करना प्रत्येक भारतीय नागरिक का कर्तव्य होनी चाहिए।
-शकुंतला महेश, नेनावा, इंदौर, मप्र्र
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इतिहास से सबक लें
गाय भारतीय संस्कृति में ही नहीं, अपितु वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। गौहत्या का मुद्दा चचिर्त रहता है। इतिहास में हिन्दू शासकों ने गौरक्षा के लिए मस्तक तक कटवाए हैं और उनकी पूजा लोकदेवता के रूप में होती है। इसलिए गाय का संरक्षण जरूरी है।
-मनु प्रताप सिंह, चींचड़ौली, खेतड़ी
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पूजनीय है गाय
हमारे भारत में गाय को पूजनीय एवं माता का रूप माना जाता है। इसकी पूजा की जाती है। इसका दूध मनुष्य के लिए बहुत ही लाभदायक होता है। साथ ही गोमूत्र कई बीमारियों को मिटाता है। राष्ट्रीय पशु का दर्जा मिलने से गाय का संरक्षण होगा।
-सुरेंद्र बिंदल, मॉडल टाउन, जयपुर
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गाय का महत्व
भारतीय संस्कृति में गाय को मां का दर्जा दिया गया है। गाय के दान को प्राचीन काल से एक महान दान माना गया है और गाय की हत्या को सबसे बड़ा पाप। वर्तमान समय में गायों की हत्या हो रही है, जो चिंताजनक है। गाय की सुरक्षा के लिए उसे राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जाना चाहिए।
-गौरव शराफ, कोटा, बिलासपुर,
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गाय का संरक्षण जरूरी
गाय का भारत में धार्मिक महत्व तो है ही, गाय लंबे समय तक खेती और एक बड़ी आबादी की आजीविका का आधार रही है। गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने के लिए सरकार को बिल लाना चाहिए, ताकि गाय का संरक्षण हो सके। गाय पूजनीय है और हमेशा रहेगी। सरकार को इस बारे में जरूर संज्ञान लेना चाहिए।
-नरेंद्र रलिया, भोपालगढ़, जोधपुर
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भारतीय संस्कृति में विशेष स्थान
भारतीय संस्कृति में गाय को माता तथा हिंदू संस्कृति का अभिन्न अंग बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि गौ माता में 36 करोड़ देवी देवता निवास करते हैं। अत: बिना किसी संकोच और बहस के गाय माता को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए।
-प्रकाश चन्द्र राव, बापूनगर, भीलवाड़ा
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राष्ट्रीय पशु का दर्जा मिलना चाहिए
गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा मिलना चाहिए। हिन्दू धर्म में गाय को माता कहा गया है। भगवान श्री कृष्ण गाय की सेवा अपने हाथों से करते थे। गाय को कामधेनु के रूप में सभी इच्छाओं को पूरा करने वाला बताया गया है। गौमाता के खुर से उड़ी हुई धूली को सिर पर धारण करते हैं, तो मानो तीर्थ के जल मे स्नान कर लेते हैं। गाय को संरक्षण दिया जाए, उसको बूचडख़ाने में जाने से रोका जाए। गाय को गौमाता का जो दर्जा दिया गया है, उसको सार्थक करने का प्रयास करना चाहिए। गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा मिलना चाहिए।
-रघुवीर सिह कविया, उदयपुर
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गौवध पर लगेगा अंकुश
भारतीय संस्कृति में गाय का सामाजिक, सांस्कृतिक व धार्मिक महत्व है। गाय किसानों की मददगार है। ऐसे में गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया दे दिया जाए, तो उसमें कोई हर्ज नहीं होना चाहिए। इस कदम से गायों की सुरक्षा होगी और उनके संवद्र्धन को बल मिलेगा तथा गौवध पर भी अंकुश लगेगा।
-शैलेन्द्र टेलर, गणेश नगर, उदयपुर
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गांव की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण
गाय का दूध ही नहीं गोबर और गोमूत्र भी उपयोगी है। इनके सेवन से अनेक प्रकार की गंभीर बीमारियों का नाश होता है। ग्राम्य जीवन की अर्थव्यवस्था गो पालन पर ही आधारित होती है। गौमाता में समस्त देवी देवताओं का निवास है। गाय को गौ माता का दर्जा दिया गया है।
विकास मूंदड़ा, उदलियास, भीलवाड़ा
Published on:
03 Sept 2021 06:48 pm
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