
भारतीय सिनेमा के पिक्चराईजेशन के लिये कश्मीर का प्राकृतिक सौन्दर्य निर्माता निदेशकों की पहली पसन्द रहा है । क़रीब तीस फ़िल्में कश्मीर की वादियों में फ़िल्माई गयी है । जंगली। का याहू वाला गाना चाहे कोई मुझे जंगली कहे पहलगाम में फ़िल्माया गया है ।
ये कश्मीर की वादियों का असर है या लम्बी तमन्ना पूरी होने काख्वाव नहीं जानती पर कश्मीर के बाद जब जब क़लम उठा रही हूँ तब तब महसूस कर रही हूँ कुछ बाकी रह गया जो देखना है समझना है और पाना है । पर जानते हैं वो क्या है वो फिर एक बार कश्मीर है । देखना है उधर का कश्मीर जनना और जाना है इधर के कश्मीर पर कब जब यहॉ शान्ति और अमन हो आंतक का कोई डर ना हो कोई भय ना हो। जब वहॉ सिर्फ़ प्यार ही प्यार बसे । चलिये इस प्यार को एक बार फिर ढूँढते हैं कश्मीर की वादियों में फ़िल्मायी उन फ़िल्मों मेंजो यादगार है ।फ़िल्मी इ्तिहास की और गवाह हैं बालीवुड की।
भारतीय सिनेमा के पिक्चराईजेशन के लिये कश्मीर का प्राकृतिक सौन्दर्य निर्माता निदेशकों की पहली पसन्द रहा है । क़रीब तीस फ़िल्में कश्मीर की वादियों में फ़िल्माई गयी है ।जंगली। का याहू वाला गाना चाहे कोई मुझे जंगली कहे पहलगाम में फ़िल्माया गया है ।
सात ख़ून माफ़ मन, फ़ना, रॉकस्टार, जवानी दीवानी, जब तक है जान, दोबदन (मनोज कुमार ) लावारिस, फिर वही दिल लाया हूँ । बाज़ी, नूरी, कालिया, खुदार, आरज़ू , कश्मीर की कली, जब जब फूल खिले, आन मिलो सजना, चिराग़, (संजय दत) रॉकी बेताब गीत, बेमिसाल, आपकी क़सम, सिलसिला जैसी फ़िल्में मुख्य हैं ।
इसके अलावा बॉबी फ़िल्म का वो गाना हम तुम इक कमरे बन्द हो का फ़िल्मांकन भी कश्मीर की वादियों में बसे महल का है । इस तरह कश्मीर की वादियॉ इश्क़ मोहब्बत की वादियॉ हैं ।
आओ यहॉ गीत मिलन के गाते है
आओ हसीन वादियों को जन्नत बनाते हैं
क्यों लड़े सीमा रेखाओं के लिये
रेखाओं को दिलों से मिटाते हैं
बेटियों को वापस घर बुलाते हैं
रुठों को फिर से मनाते हैं ।
हसीन वादियों को जन्नत बनाते हैं। ।
रेणु जुनेजा
- फेसबुक वाल से साभार

बड़ी खबरें
View Allओपिनियन
ट्रेंडिंग
