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आपकी बात, अपराध रोकने में परिवार और समाज की क्या भूमिका है?

पत्रिकायन में सवाल पूछा गया था। पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रिया

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Gyan Chand Patni

Jan 07, 2021

आपकी बात, अपराध रोकने में परिवार और समाज की क्या भूमिका है?

आपकी बात, अपराध रोकने में परिवार और समाज की क्या भूमिका है?

परिवार में ही मिले नैतिक शिक्षा
एक बच्चे के लिए मां प्रथम गुरु और परिवार ही प्रथम पाठशाला होती है। कोई व्यक्ति मूलत: अपनी मानसिक प्रवृत्तियों की वजह से ही अपराधी बनता है। बाल्यकाल से ही बच्चों को पारिवारिक और सामाजिक मूल्यों की नैतिक शिक्षा देकर भविष्य में सही और गलत का निर्णय लेने योग्य बनाया जा सकता है। अबोध बालक के मन में संस्कार के बीज आसानी से रोपे जा सकते हैं। ऐसे में सुसंस्कृत परिवार और सभ्य समाज में रहने वाला मानसिक रूप से सशक्त व्यक्ति विपरीत परिस्थितियों में भी अपराध से दूर रहेगा। इस प्रकार अपराध रोकने में परिवार और समाज की अहम भूमिका होती है।
-अरविंद वर्मा, रायपुर, छत्तीसगढ़
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परिवार की अहम जिम्मेदारी
नैतिक शिक्षा और संस्कार की नींव परिवार में रखी जाती है। समाज इसे माहौल प्रदान करता है। जैसी शिक्षा, संस्कार तथा माहौल बच्चे को मिलेगा, वैसा ही उसका आचरण होगा। अत: परिवार के मुखिया अपने आचरण से क्रोध त्यागने, संयम रखने, ईमानदारी से जीने तथा स्त्रियों का सम्मान करने की शिक्षा दें। साथ ही समाज अपराधियों को संरक्षण नहीं देने का कड़ा संदेश दे, तो अपराध काफी हद तक कम हो सकते हैं ।
-भारती जैन, महारानी फर्म, जयपुर
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कम हो सकते हैं अपराध
आजकल समाज में अपराध बहुत ही तेजी से बढ़ रहे हैं। युवा ही नहीं किशोर भी अपराध की राह पकड़ रहे हैं। अपराध को रोकने के लिए परिवार में बच्चों को अच्छी शिक्षा और संस्कार देने की जरूरत है। साथ में समाज को भी लोगों को जागरूक करने की कोशिश करने की आवश्यकता है, जिससे अपराधों में कमी आ सके।
-अमित रेडू, राजगढ़, चुरू
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परिवार का ज्यादा असर
अपराध रोकने में परिवार की सबसे बड़ी भूमिका है, क्योंकि व्यक्ति पर अपने परिवार का सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है। साथ ही समाज में जैसे लोगों को देखेगा, वह वैसा ही व्यवहार करेगा। इसलिए अपराध रोकने में परिवार और समाज महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
-अशोक दास वैष्णव, जोधपुर
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पीडि़त महिलाओं के साथ खड़ा रहे परिवार
हर दिन महिलाओं से जुड़े अपराधों के नए मामले सामने आ रहे हैं। घटना हो जाने के बाद मोमबत्तियां जलाकर प्रदर्शन व विरोध करने की बजाय महिलाओं के प्रति मानसिकता में बदलाव लाने की कोशिश की जाए, ताकि समस्या समाधान संभव हो सके। यह काम परिवार से ही शुरू होना चाहिए। यदि किसी महिला के साथ कोई घटना होती है तो परिवार को उसका साथ देना चाहिए, ताकि वह खुलकर अपनी समस्या को उनके सामने रख सके।
-मुकेश राखेचा, खुडियाला,जोधपुर
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बना रहे संवाद
अपराध रोकने में परिवार और समाज की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है क्योंकि परिवार व समाज ही मर्यादाओं, संस्कारों और कर्तव्यों का बोध कराने वाली सामूहिक व्यवस्था है। परिवार व समाज में बच्चों से बुजुर्गों तक निरंतर पारस्परिक संवाद कायम रहना आवश्यक है। परिवार व समाज ही व्यक्ति के परिवर्तित मनोभावों को प्रत्यक्ष रूप से निरंतर देखने व समझने वाली व्यवस्था है। अपराध के लिए प्रेरित करने वाले मनोभावों को समय पर समझ कर व्यक्ति को अपराध की तरफ जाने से रोका जा सकता है।
-सुदर्शन शर्मा, चौमूं, जयपुर
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बच्चों को सही और गलत का फर्क समझाया जाए
अपराध रोकने में सबसे पहले भूमिका परिवार की होती है। यदि परिवार में बच्चों का पालन-पोषण ठीक तरह से किया जाए, तो वे अपराध की तरफ जाने में संकोच करेंगे। बचपन से ही उन्हें अपनी संस्कृति का ज्ञान देते हुए सही और गलत का फर्क समझाया जाए। समाज में बच्चों के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करें कि उन्हें पता चल सके कि अपराध का मार्ग पकडऩे के दुष्पिरणाम क्या होते हैं। इससे सहज ही वे अपराध की दुनिया से दूर रहने की कोशिश करेंगे।
-डॉ. दीपिका राव, बांसवाड़ा
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बेहतर माहौल से बनते हैं जिम्मेदार नागरिक
अपराधी दूसरे ग्रहों से नहीं आते। वे हमारे समाज व परिवार का ही हिस्सा होते हंै। इसलिए अपराध रोकने में परिवार और समाज की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। मानवीय मूल्यों के विकास क्रम का पहला स्कूल परिवार ही होता है, जहां बच्चों में आदर, करुणा, सम्मान व नैतिक आचरण जैसे संस्कार जन्म लेते हैं। समाज व्यक्ति में भाईचारा, समानता व सहिष्णुता के गुण विकसित करता है, जिससे व्यक्ति एक जिम्मेदार नागरिक बनता है और अपराधों से दूर रहता है।
-अंकित गणवीर, गरियाबंद, छत्तीसगढ़
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बच्चों की गलतियां न करें नजरअंदाज
बाल्यावस्था से ही परिवार में बच्चों को अच्छे संस्कार और मानवीय मूल्यों की शिक्षा दी जानी चाहिए। उनके अनुचित व्यवहार को नजरअंदाज ना करके उन्हें समझाना चाहिए, ताकि उनकी छोटी गलतियां भविष्य में अपराध का रूप ना ले सकें। साथ ही आस-पास की संदिग्ध गतिविधियों के प्रति सजगता रखकर अपराधों को रोका जा सकता है।
-निष्ठा टहिलयानी, जयपुर
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जरूरी है सकारात्मक माहौल
हमारे देश में अपराध बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके लिए परिवार और समाज भी जिम्मेदार है। अपराध करने वाला व्यक्ति हम में से ही कोई एक होता है, परंतु वह अपराध करना स्वयं नहीं सीखता है। वह अपराध करना सीखता है स्वयं के परिवार से और समाज से। यदि हम बच्चे को सकारात्मक विचार और अच्छी शिक्षा प्रदान करते हैं, साथ ही साथ हम उसे महिलाओं का आदर करना सिखाते हैं, तो वह अच्छा नागरिक बनता है।
-विशाल कटारिया, गुहाला, सीकर
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समाज की भूमिका बड़ी
अपराध रोकने में परिवार और समाज की सबसे महत्त्वपूर्ण भूमिका है। परिवार में बच्चों को संस्कार देने की आवश्यकता है। इसके लिए समाज सबसे ज्यादा उत्तरदायी है। सामाजिक परिवेश से ही व्यक्ति का निर्माण होता है और उसे संस्कार मिलते हैं। यदि समाज इस दिशा में कदम उठाए, तो अपराध कम हो सकते हैं।
-अनामदर्शी मसीह, भिण्ड, मप्र