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आपकी बात: विश्व में शांति स्थापित करने के लिए किस तरह के प्रयासों की जरूरत है?

पत्रिकायन में सवाल पूछा गया है, पाठकों ने मिलीजुली प्रतिक्रिया भेजीं। पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।

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नेपाल ने सीमा पर बढ़ाई सेना की तैनाती।

संयुक्त राष्ट्र को मजबूत बनाया जाए
संयुक्त राष्ट्र को मजबूत करते हुए उसके निष्पक्ष फैसलों को मानना होगा। हथियारों की खरीद-फरोख्त पर टिकी अर्थव्यवस्था को हतोत्साहित करते हुए सभी को विकास पथ पर आगे बढऩे के समान अवसरों के निर्माण पर आधारित जीवन-दर्शन को बढ़ावा देना होगा। सभी की मूलभूत आवश्यकताएं पूरी होनी चाहिए। सभी को एक दूसरे के अस्तित्व और स्वाभिमान का सम्मान भी करना चाहिए।
-वैद्य तीर्थ शर्मा, हनुमानगढ़
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सौहार्दपूर्ण व्यवहार जरूरी
सभी देश एक दूसरे के साथ सौहार्दपूर्ण और समानता का व्यवहार करें। एक दूसरे की गरिमा, अखंडता और एकता के प्रति सम्मान का भाव रखें। वर्तमान में शांति बनाए रखने के लिए उक्त बातों पर ध्यान देना आवश्यक है।
-रचित वर्मा, भवानीमंडी, झालावाड़
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खतरनाक है अति राष्ट्रवाद
विश्व में बढ़ती अशांति का मुख्य कारण है 'अति राष्ट्रवादÓ का उदय होना, जिसका उदाहरण अजरबैजान और आर्मेनिया के बीच छिडी जंग है। 'अति राष्ट्रवादÓ की बजाय 'वसुधैव कुटुंबकम्Ó पर भरोसा करना ही वैश्विक शांति को पुनस्र्थापित कर सकता है। संयुक्त राष्ट्र को सुधार भी लागू करने चाहिए।
-प्रवीण सैन, जोधपुर
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एक दूसरे का रखें ध्यान
सभी देश आपस में जुड़े हुए हैं। जब एक देश में कोई दुर्घटना होती है या कोई देश कोई कड़ा फैसला लेता है, तो उसका प्रभाव उस देश पर तो पड़ता ही है, किंतु उसका विश्व के दूसरे देशों पर भी प्रभाव पड़ता है। कुछ निर्णयों से जब दो देशों के आपसी हित टकराते हंै, तो संघर्ष का माहौल बन जाता है। इससे विश्व शांति को आघात लगता है। ऐसे में अगर विश्व में शांति कायम करनी है, तो उसके लिए सबसे कारगर कदम होगा कि विश्व के सभी देश भारत के विचार 'वसुधैव कुटुम्बकमÓ का पालन करें। जब प्रत्येक राष्ट्र दूसरे राष्ट्र के हितों का ध्यान रखें, तभी विश्व में शांति बनी रहेगी।
-कुशल सिंह राठौड, कुड़ी भगतासनी, जोधपुर
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आज भी पंचशील के सिद्धांतों का महत्व
पंडित जवाहरलाल नेहरू ने विश्व में शांति स्थापित करने के लिए पांच मूल मंत्र दिए थे। इन्हें 'पंचशील के सिद्धांतÓ भी कहा जाता है। माना जाता है कि अगर इन पांच सिद्धांतों पर अमल किया जाए, तो दुनिया में हर तरफ चैन और अमन का ही वास होगा। एक दूसरे की अखंडता और प्रभुसत्ता का सम्मान करना। एक दूसरे के विरुद्ध आक्रामक कार्रवाई न करना। एक दूसरे के आंतरिक विषयों में हस्तक्षेप न करना। समानता और परस्पर लाभ की नीति का पालन करना। शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की नीति में विश्वास रखना
-प्राची पालीवाल, गुढ़ानाथावतान, बूंदी
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संभव है विश्व शांति
पंचशील सिद्धांत विश्व शांति कायम करने का एक प्रमुख उपाय हो सकता है। शर्त यह है कि इन सिद्धांतों का अनुसरण विश्व के प्रत्येक देश द्वारा किया जाए। पंचशील सिद्धांतों में दूसरे देश की क्षेत्रीय अखंडता एवं संप्रभुता का सम्मान, दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप ना करना, दूसरे देशों के साथ परस्पर लाभ व सम्मान के संबंध स्थापित करना, अक्रमण न करना तथा शांतिपूर्ण सह अस्तित्व शामिल है। यदि प्रत्येक प्रत्येक देश इस पर अमल करे, तो विश्व में शांति कायम हो सकती है।
-हर्षिता शर्मा, जयपुर
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युवा आएं एक मंच पर
विश्व में शांति वार्ता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न देशों के युवाओं को एक मंच पर आना चाहिए। परमाणु ऊर्जा का सदुपयोग होना चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाए कि परमाणु ऊर्जा का उपयोग युद्ध में न हो। बड़े देशों को इसके लिए पहल करनी चाहिए। सभी देश पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान दें।
-डॉ.रश्मि सोनकर, मनेंद्रगढ़, छत्तीसगढ़
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शक्तिशाली देश प्रयास करें
विश्व में शांति कायम रखने के लिए बड़े और शक्तिशाली देशों को प्रयास करने होंगे। साथ ही संयुक्त राष्ट्र को अपनी भूमिका बढा़ते हुए विश्व शांति के लिए लगातार प्रयास करने होंगे।
-अमित दीवान, भोपाल
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अहिंसा की नीति का अनुसरण करें
हम अहिंसा के पथ पर चलकर विश्व में शांति और एकता का संदेश दे सकते हैं। हर मनुष्य के बीच ईष्र्या खत्म कर आपसी सद्भाव पैदा करना होगा। साथ ही पंडित जवाहर लाल नेहरू के पंचशील के सिद्धांतों को अपनाकर विश्व में शांति कायम की जा सकती है।
-के. पी. मधुकर, कांकेर, छत्तीसगढ़
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सीमा विवाद समाप्त हो
विश्व में शांति कायम करने के लिए आतंकवाद पर रोक लगे और सीमा विवाद समाप्त हो। सभी राष्ट्रों के बीच भाईचारे की भावना मजबूत की जाए। सभी धर्मों के प्रति समानता का भाव होना चाहिए।
-रेखा कुमावत, जयपुर
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विश्व में शांति को बनाए रखने में बड़े देशों की महत्त्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। शक्ति संपन्न देशों को शांति बनाए रखने के लिए समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों का आयोजन करना चाहिए। नियम बनाकर उनका कड़ाई से अनुपालन करवाना चाहिए तथा इन नियमों का पालन न करने वाले देशों पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाते हुए उन पर प्रतिबंध व जुर्माने का प्रावधान करना चाहिए। जहां तक संभव हो हथियारों की प्रतिस्पर्धा को कम करना चाहिए। सभी देशों को एक दूसरे की संप्रभुता का आदर करना चाहिए।
-एकता शर्मा, गरियाबंद, छत्तीसगढ़
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खत्म करें वीटो
विश्व शांति के लिए संयुक्त राष्ट्र को अपनी भूमिका में बड़ा बदलाव कर सुरक्षा परिषद में पांच देशों के वीटो पावर को समाप्त करना चाहिए। सुरक्षा परिषद में कुछ और देशों को शामिल कर बहुमत के आधार पर निर्णय लेना चाहिए। े
-अनिल ठाकुर, मुम्बई
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मानव कल्याण पर ध्यान दें
विश्व में शांति कायम रखने के लिए हमें वसुधैव कुटुंबकम् की भावना को अपनाना होगा। मानव कल्याण, मानव प्रेम, सदाचार,जैसी बातों को स्थान देना होगा।
-डॉ. पवन बुनकर, अचरोल, जयपुर
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जरूरी है भाईचारे की भावना
विश्व शांति के लिए सभी देशों को प्रयास करने होंगे। सबसे जरूरी है भाईचारे की भावना। अगर सभी लोगों में भाईचारे और मेल-मिलाप की भावना होगी तो कोई लड़ेगा क्यों?
-बीरबल सिद्ध जाखड़, मालासर, चूरू
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बंधुत्व की भावना का विकास करें
साम्राज्यवाद की प्रबल इच्छाओं पर अंकुश लगाकर, मानवता को केंद्र में रखकर, धार्मिक सहिष्णुता की भावनाओं को विकसित करके, उच्च शिक्षा के साथ कुशाल रोजगार के साधन उपलब्ध कराकर एवं विश्व के सभी देशों में बंधुत्व की भावना से विश्व में शांति स्थापित की जा सकती है।
-मधुर जैन, गंजबासौदा, मध्य प्रदेश
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सीमाओं का सम्मान करें
विश्व में शांति तभी बनेगी जब संसाधनों को लेकर संघर्ष नहीं होंगे। विश्व शांति के लिए सभी देशों को दूसरे देशों की सीमाओं का सम्मान करना होगा।
-अशोक कुमार शर्मा, झोटवाड़ा, जयपुर
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भारत को मिले स्थायी सदस्यता
भारत को संयुक्त राष्ट्र में स्थायी सदस्य का दर्जा देकर तथा वीटो पावर का सही इस्तेमाल करके विश्व शांति कायम की जा सकती है। आतंकवाद के खिलाफ अब भी पूरी दुनिया एक नहीं है, जिस पर गंभीर चिंतन की आवश्यकता है।
-हरकेश दुलावा, दौसा
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शांति के प्रयास लगातार हों
सभी बड़े देशों के संयुक्त प्रयास से ही विश्व शांति संभव है। संयुक्त राष्ट्र सभी बड़े व अन्य देशों के साथ विचार-विमर्श करे, परमाणु हथियारों को नष्ट कराने के प्रयास करे। विश्व शांति बनाए रखने के प्रयास लगातार किए जाएं।
-महेश नेनावा, इंदौर मध्यप्रदेश
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विकसित देशों की जिम्मेदारी
सभी लोगों में भाईचारे और मेल-मिलाप की भावना का विकास विश्व शांति के मार्ग में मददगार साबित हो सकता है। लोगों के अंदर सद्भावना और श्रेष्ठ विचार होंगे, तभी विश्व में अशांति कम होगी। सभी देशों को मिलजुल कर कार्य कर उन्नति के नए मार्ग ढूंढने होंगें। विकसित और संपन्न राष्ट्र, गरीब व अविकसित राष्ट्रों की मदद करें। वे युद्ध जैसी स्थितियों को समाप्त कर विश्व शांति की दिशा मे अपना योगदान करें।
-नरेश कानूनगो, बेंगलुरु