30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

आपकी बात, ऋषि सुनक के ब्रिटिश प्रधानमंत्री बनने का क्या असर होगा?

पत्रिकायन में सवाल पूछा गया था। पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Patrika Desk

•

Updated: 27 Oct 2022, 4:47 PM IST

आपकी बात, ऋषि सुनक के ब्रिटिश प्रधानमंत्री बनने का क्या असर होगा?

आपकी बात, ऋषि सुनक के ब्रिटिश प्रधानमंत्री बनने का क्या असर होगा?

सकारात्मक परिवर्तन के संकेत
ऋषि सुनक के ब्रिटिश प्रधानमंत्री चुने जाने पर भारत और ब्रिटिश संबंधों में कुछ सकारात्मक परिवर्तन होने के संकेत दिखाई पड़ते हैं। यह बात भी ध्यान रखनी होगी कि किसी भी देश के प्रधानमंत्री होने का मतलब है, उस देश के राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखकर कार्य करना। ऋषि सुनक भी यही करेंगे। हां, यह हो सकता है कि भारत और ब्रिटिश संबंधों में भारतीय लोगों की मानसिकता के अनुसार एक सकारात्मक दृष्टिकोण की सोच विकसित होगी। कुछ संधियों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं -जैसे प्रत्यर्पण की संधि। इससे देश से भगोड़़े घोषित होने वाले लोगों पर लगाम लगाया जा सकता है। दूसरी ओर आर्थिक क्षेत्र में भी भारत और ब्रिटिश के संबंध अच्छे हो सकते हैं। भारतीय मूल के प्रधानमंत्री होने से विश्वास में इजाफा हो सकता है।
-कंवराज सुथार, उदयपुर
..................

सुधरेंगे व्यापारिक रिश्ते
ऋषि सुनक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री चुने गए हैं। उन्होंने कहा है कि वे ब्रिटेन को आर्थिक संकट से उबारने की पूरी कोशिश करेंगे। सुनक के ब्रिटिश प्रधानमंत्री बनने से भारत और ब्रिटेन के बीच एफटीए पर कोई निर्णय की उम्मीद नजर आ रही है। इससे दोनों ही देशों को व्यापार, यात्रा के साथ ही साथ आयात-निर्यात पर टैक्स की छूट जैसे कई फायदे होंगे, जिससे ब्रिटेन और भारत के बीच व्यापारिक रिश्तों में सुधार होना सुनिश्चित है।
-सारिका सिंह, रायपुर, छत्तीसगढ़़
................

राह आसान नहीं
बिना गोरी चमड़ी वाले ऋषि सुनक का ब्रिटेन का प्रधानमंत्री बनना मामूली घटना तो कतई नहीं है। गोरे लोगों की मानसिकता में सुनक भारी परिवर्तन ला सकते हैं, पर अभी किसी भी तरह का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी, क्योंकि सुनक को अपनी ही कंजरवेटिव पार्टी में नस्लीय सोच वाले मेंबरों के आंतरिक विरोध का सामना करना पड़ सकता है।
-अभय गौतम, कोटा
..................

नमक का फर्ज निभाएंगे
ऋषि सुनक का ब्रिटेन के पीएम पद पर पहुंचना देश के लिए ही नहीं, पूरे एशियाई देशों के लिए गौरवान्वित करने वाला क्षण है, क्योंकि जिस देश ने इतने सालों तक अनेक देशों पर राज किया, आज उसका पीएम एक प्रवासी भारतीय बना है। हमें यह भी स्वीकार करना चाहिए कि सभी की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं पर खरा उतरना संभव नहीं। जिस देश का उन्होंने नमक खाया है, वे उसके प्रति अपना फर्ज निभाएंगे।
-एकता शर्मा, जयपुर
...............


सुनक को भारतीय बाजार से उम्मीद
ऋषि सुनक के भारतीय मूल के होने से उनकी भारतीय बाजार से फायदा उठाने की कोशिश होगी जिससे नए आर्थिक समझौते होंगे जो न केवल ब्रिटेन बल्कि भारत के लिए भी लाभकारी होंगे।
-हर भजन खिचड़, रातानाडा
................

बढ़ेगी भारत की प्रतिष्ठा
ऋषि सुनक के प्रधानमंत्री बनने से भारतीय मूल के लोगों पर तो सकारात्मक असर पड़ेगा ही, साथ में भारतीय प्रतिष्ठा के भी पंख लगेंगे। दशकों तक भारत गुलामी की बेडिय़ों में जकड़ा रहा, उस देश पर भारतीय मूल के व्यक्ति द्वारा शासन करना, गौरवान्वित करने वाला पल है। इसके साथ ही दोनों देशों के राजनयिक संबंधों में मधुरता आएगी, ऐसी अपेक्षा की जाती है। वहां के भारतीय मूल के लोगों की स्थिति में सुधार होने की संभावना प्रबल हुई है।
-सी. आर. प्रजापति, जोधपुर
..................

भारत के लिए गौरवपूर्ण
भारतीय मूल के ऋषि सुनक का ब्रिटेन का प्रधानमंत्री बनना भारत के लिए ऐतिहासिक दृष्टि से तो गौरवपूर्ण है ही, अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोण से भी देश के लिए हितकारी होगा। यदि सुनक राजनीतिक एवं आर्थिक चुनौतियों का निपटारा कर एक अच्छे नेतृत्व का प्रदर्शन करते हैं तो यह न केवल दोनों देशों के पारस्परिक संबंधों एवं समझौतों के सभी आयामों को मजबूत बनाएगा, अपितु भारतीय मूल के नागरिकों का दर्जा भी विश्व भर में और ऊंचा कर देगा।
-कृतिका खमेसरा, पाली
...................

ब्रिटेन की आर्थिक स्थिति सुधरेगी
विभिन्न तरह के संकट और समस्याओं से जूझ रहे ब्रिटेन को पहला हिंदू प्रधान मंत्री मिला है। सुनक का ब्रिटेन का प्रधानमंत्री बनना अपनी सफलता के साथ देश की राजनीति में मील का पत्थर है। उनके प्रधानमंत्री बनने पर, ब्रिटेन में चल रही मंदी और गिरते मार्केट मे सुधार के संकेत मिलते हैं। ऋषि सुनक अपनी पार्टी के बलबूते पर, देश में चल रहे राजनीतिक भूचाल को भी शांत कराने में सक्षम नजर आते हैं। आने वाले दिनों में, यदि प्रधानमंत्री और उनके साथी सार्वजनिक खर्चों में कटौती और कर वृद्धि को लेकर कुछ कड़े निर्णय लेते हैं, तो निश्चित तौर पर उनकी पार्टी के साथ, देश की गुडविल भी बढ़ेगी।
-नरेश कानूनगो, देवास, मध्यप्रदेश