
साइकिल और पैदल चलने वालों के लिए अलग ट्रैक का अभाव और फुटपाथों पर अतिक्रमण जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। कानूनों को धरातल पर लागू करना आवश्यक है। केवल कानून बनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उनकी सही तरीके से क्रियान्वयन पर भी ध्यान देना होगा।
पैदल और साइकिल से चलने के लिए अलग से सड़क नहीं होने के कारण वाहन जल्दी में ओवरटेक करते हुए पैदल या साइकिल पर चलने वाले को चोट पहुंचा देते हैं, कभी जान तक जा सकती है। साथ ही, सड़क के किनारे धूल, प्रदूषण और गंदगी का सामना करना पड़ता है। मुख्य बाजारों से मृत पशुओं की गाड़ियाँ भी गुजरती हैं, जिससे परेशानी होती है। कभी गाय या कुत्ते भी घायल कर सकते हैं। यह स्थिति पैदल और साइकिल चलाने वालों के लिए खतरनाक हो जाती है और प्रशासन को इस पर सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
-शालिनी ओझा, बीकानेर
आजकल शहरों में फुटपाथों पर दुकानदारों ने अतिक्रमण कर लिया है, जिसके कारण पैदल चलने वालों को सड़कों पर चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाएं बढ़ गई हैं। फुटपाथ पर चलते हुए आमतौर पर पैदल यात्री रुकते हुए ट्रैफिक में फंस जाते हैं, जिससे वाहन ओवरटेक करने की कोशिश करते हैं। यह स्थिति नागरिकों की सुरक्षा को गंभीर खतरे में डालती है। इसके लिए सख्ती से अतिक्रमण हटाने की आवश्यकता है ताकि पैदल चलने वालों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
-संजय डागा, इंदौर
वर्तमान समय में यातायात इतना बढ़ गया है कि हर घर में तीन-तीन गाड़ियाँ हैं और इससे साइकिल चलाना और पैदल चलना कठिन हो गया है। इसके साथ ही, घुटने की समस्या भी लोगों को पैदल चलने में कठिनाई देती है। शारीरिक रूप से असमर्थ लोग पैदल चलने में परेशानी महसूस करते हैं और साइकिल चलाना और भी मुश्किल हो जाता है। शहरों में घनी आबादी और वाहनों की भीड़ पैदल यात्रियों और साइकिल सवारों के लिए खतरे की घंटी है। इस समस्या का समाधान केवल यातायात नियंत्रण से ही संभव है।
-सुरेंद्र कुमार बिंदल, जयपुर
बड़े शहरों के बाजारों में फुटपाथ पर सामान रखने से पैदल यात्री दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। प्रशासन द्वारा अभियान चलाए जाने के बावजूद अतिक्रमण वापस लौट आता है। यही कारण है कि पैदल यात्री सड़क पर चलने के लिए मजबूर हो जाते हैं। सड़क पर गाड़ियाँ ओवरटेक करते हुए उनकी सुरक्षा को खतरे में डालती हैं। सड़कों के किनारे की पट्टियाँ भी अक्सर वाहनों द्वारा अवरुद्ध होती हैं, जिससे पैदल चलने वालों को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
-सुरेन्द्र कुमार राजपुरोहित, बीकानेर
मुख्य चौराहों पर यातायात नियमों का पालन न होने के कारण पैदल और साइकिल चलाने वालों को दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता है। खासकर शहरों के व्यस्त इलाकों में, जहां वाहनों की गति अत्यधिक होती है। पैदल यात्रियों के लिए कोई सुरक्षित स्थान नहीं होता, जिससे वे दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं। ट्रैफिक पुलिस को पैदल और साइकिल यात्री सुरक्षा को लेकर विशेष कदम उठाने चाहिए।
-विनयशील जैन, जयपुर
फुटपाथों पर अतिक्रमण और सड़क पर चलने की बाधाएं पैदल और साइकिल चलाने वालों के लिए समस्याएं उत्पन्न करती हैं। अधिकतर फुटपाथों पर दुकानें या अन्य अतिक्रमण होते हैं, जो पैदल यात्रियों के लिए असुरक्षित बन जाते हैं। यातायात की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन को गंभीर कदम उठाने चाहिए। पैदल और साइकिल यात्रियों के लिए अलग से सुरक्षित रास्ते बनाने की आवश्यकता है।
-गोपाल अरोड़ा, जोधपुर
साइकिल और पैदल चलने वालों के लिए अलग ट्रैक का अभाव और फुटपाथों पर अतिक्रमण जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। कानूनों को धरातल पर लागू करना आवश्यक है। केवल कानून बनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उनकी सही तरीके से क्रियान्वयन पर भी ध्यान देना होगा। पैदल यात्रियों और साइकिल सवारों के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को सक्रियता दिखानी चाहिए।
-सुनील कुमार माथुर, जोधपुर
सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों और सीवरेज लाइन की समस्या के कारण पैदल और साइकिल चलाने वालों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इससे दुर्घटनाएं भी बढ़ रही हैं। सड़कें सीवरेज के कारण पानी से भरी रहती हैं, जिससे पैदल चलने वाले और साइकिल सवार फिसल कर गिर सकते हैं। इसके समाधान के लिए शहरों में सीवरेज व्यवस्था को सुधारने और यातायात को नियंत्रित करने की जरूरत है।
-प्रियंका के. माहेश्वरी, जोधपुर
पैदल और साइकिल चलाने में समय की बर्बादी, सुरक्षा की कमी और अव्यवस्थित सड़कें बड़ी समस्याएं हैं। पैदल यात्री जब सड़क पर चलने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें तेज रफ्तार वाहनों से खतरा होता है। इसके अलावा, मौसम का प्रभाव भी यात्रा को प्रभावित करता है। गर्मी और बारिश के मौसम में पैदल चलने में कठिनाई और बढ़ जाती है। इस समस्या के समाधान के लिए बेहतर सड़क संरचना और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ते बनाने की आवश्यकता है।
-विशंभर थानवी, फलौदी
पैदल चलने वालों को अक्सर यातायात की भीड़, तेज रफ्तार वाहनों और प्रदूषण का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी सुरक्षा खतरे में रहती है। खासकर मुख्य बाजारों और व्यस्त इलाकों में यह समस्या गंभीर होती है। पैदल यात्रियों के लिए अलग रास्ते और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है।
-नरपत सिंह चौहान, जैतारण
साधन संपन्न लोग सड़क पर पैदल और साइकिल चलने वालों का हक छीन रहे हैं। दुर्घटनाओं के चलते पैदल यात्रियों को हमेशा खतरे का सामना करना पड़ता है। वाहन चालकों का असंवेदनशील रवैया और तेज रफ्तार से वाहनों का चलाना पैदल और साइकिल यात्रियों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है।
डॉ. राजेन्द्र कुमावत, जयपुर
निजी वाहनों की अत्यधिक भीड़ के कारण पैदल और साइकिल से चलना मुश्किल हो गया है। इसके समाधान के लिए सरकार को रिजर्व लेन बनाने की जरूरत है, ताकि पैदल और साइकिल सवार सुरक्षित यात्रा कर सकें। साथ ही, ट्रैफिक नियंत्रण के कड़े उपायों की भी आवश्यकता है ताकि सड़क पर चलने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
-शंकर गिरि, हनुमानगढ़
Published on:
31 Dec 2024 03:36 pm
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