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अपने घर में खेलने को लेकर उत्साहित हैं मानिका

दिल्ली चरण के इस मैच के बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।

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नई दिल्ली । देश के प्रीमियर टेबल टेनिस लीग-सिएट यूटेटे पावर्ड बाई केलॉग्स का दिल्ली चरण बुधवार से शुरू हो रहा है। भारत की टेबल टेनिस क्वीन मानिका बत्रा अपने घर दिल्ली में खेलने को लेकर बेहद उत्साहित हैं। मानिका दिल्ली स्मैशर्स टीम की सदस्य हैं। राष्ट्रमंडल खेलों में दो स्वर्ण पदक जीतने वाली मनिका इस लीग में स्मैशर्स के लिए खेलते हुए शानदार फॉर्म में हैं। इस टीम में पुणे में खेले गए पहले चरण में दो शानदार जीत हासिल करते हुए छह टीमों की अंकतालिका में पहला स्थान हासिल कर लिया है।

दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में जब 23 साल की मानिका आरपी-एसजी मेवरिक्स के खिलाफ कोर्ट पर उतरेंगी तो उनकी कोशिश अपने विजयी क्रम को जारी रखने की होगी। मानिका की विश्व रैंकिंग 80 है, जो उनकी असल काबिलियत को नहीं दर्शाती है। इस लीग में इस शानदार खिलाड़ी ने वल्र्ड नंबर-15 सोफिया पोल्कानोवा (एमपावर्जी चैलेंजर्स) और वल्र्ड नंबर-30 माटिल्डा एकहोल्म (फाल्कंस टेटे) को मात दी है। मानिका का मानना है कि पुणे के शिव छत्रपित कॉम्पलेक्स बालेवाड़ी में मौजूद दर्शकों ने उनका साथ दिया और उन्हें दिल्ली में भी दर्शकों से इसी तरह के समर्थन और सहयोग की उम्मीद है।

मानिका ने कहा, "दर्शकों का समर्थन शानदार रहा है। इससे मेरा आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। मेरा मानना है कि जब मैं भारत में खेलती हूं तो मुझसे ज्यादा दवाब मेरे विपक्षी पर होता है। मैं दिल्ली में खेलने को लेकर बेहद उत्साहित हूं। मुझे उम्मीद है कि मेरे गृह नगर से मुझे काफी समर्थन मिलेगा। मेवरिक्स के खिलाफ हम अच्छा प्रदर्शन करने को तैयार हैं।" वह अपने विपक्षी को परेशान करने के लिए अपने खेल को और मजबूत करने पर मेहनत कर रही हैं। उन्होंने कहा- राष्ट्रमंडल खेलों में सफलता के बाद मुझे लगता है कि लोगों की मुझसे उम्मीदें बढ़ गई हैं। मेरे खेल को लोग करीब से देखने लगे हैं। इसलिए मेरी कोशिश अपने खेल को और बेहतर कर विपक्षी खिलाड़ी को असमंजस में डालने की है।

गणनसेकरन साथियान दिल्ली टीम के कप्तान हैं और भारत के श्रेष्ठ वरीय (वल्र्ड नंबर-44) खिलाड़ी हैं। उनका प्रदर्शन भी इस लीग में शानदार रहा है। उन्होंने अपने सभी मैचों (दो मिश्रित युगल और दो एकल मैच) में जीत हासिल की है। बीते सीजन में भी उन्होंने एक भी एकल मैच नहीं गंवाया था, लेकिन अब उनका सामना उस टीम से है, जिसने अपने सभी मैच जीते हैं।

स्मैशर्स का जीत का प्रतिशत शानदार रहा है। वॉरियर्स के खिलाफ 14-7, मौजूदा विजेता फाल्कंस के खिलाफ 17-4, लेकिन इससे भी ज्यादा अहम बात यह है कि पिछले दो मुकाबलों में से उन्होंन 14 में से 12 मैच जीते हैं। मावेरिक्स भी ज्यादा दूर नहीं है। पिछले साल फाइनल में जगह बनाने वाली चैलेंजर्स के खिलाफ उनका प्रतिशत 13-8 है तो वहीं महाराष्ट्र के खिलाफ 11-10 है।

मावेरिक्स के पास भी भारत की एक और दिग्गज महिला खिलाड़ी है-अयहिका मुखर्जी। अयहिका की वल्र्ड रैंकिंग 124 है। उन्होंने वल्र्ड नंबर-20 ली हो चिंग (चैलेंजर्स) और वल्र्ड नंबर-56 लिली झांग (महाराष्ट्र युनाइटेड) को मात दी है। टीम के पास वल्र्ड नंबर-13 डू होई केम (हांगकांग) जैसी खिलाड़ी हैं। वहीं जर्मनी की साबिने विंटर (वल्र्ड नंबर-60) के रहने से भी उनकी टीम मजबूत है। 21 साल की अयहिका पहली बार सिएट यूटेटे में खेल रही हैं। वह अपनी सफलता का लुत्फ उठा रही हैं और अपने खेल में सुधार पर ध्यान दे रही हैं। उन्होंने कहा, " मैंने पहले भी वल्र्ड रैंक खिलाड़ियों को मात दी है लेकिन अपने से ज्यादा रैंकिंग वाली खिलाड़ियों को मात देना मेरे लिए बड़ी बात है।"मावेरिक्स के खिलाफ होने वाले मुकाबले के बारे में पूछे जाने पर अयहिका ने अपने पत्ते नहीं खोले।उन्होंने कहा, "मैं हर एक अंक का लुत्फ उठाती हूं और मैच का परिणाम सोचे बिना अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करती हूं।"