
नागपुर। बैडमिंटन कोर्ट में एकतरफ विश्व नंबर-2 खिलाड़ी हो और दूसरी तरफ पूर्व विश्व नंबर-1 तो जिस जबरदस्त खेल की उम्मीद करते हुए दर्शक पहुंचे होंगे, वो ही खेल बुधवार को ८२वीं सीनियर राष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिता के महिला एकल फाइनल मैच में पीवी सिंधु और साइना नेहवाल के बीच भिड़ंत में देखने को मिला। जबरदस्त संघर्ष वाले इस मुकाबले में नौ साल बाद राष्ट्रीय चैंपियनशिप में खेल रहीं ओलंपिक कांस्य पदक विजेता साइना ने ओलंपिक रजत विजेता सिंधु को 21-17, 27-25 से हराकर खिताब जीत लिया।
प्रणय ने लिया श्रीकांत से फ्रेंच ओपन का बदला
पुरुष वर्ग में दूसरी वरीयता प्राप्त एचएस प्रणय ने इस साल चार सुपर सीरीज खिताब जीत चुके टॉप सीड किदांबी श्रीकांत से फ्रेंच ओपन सुपरसीरीज के सेमीफाइनल में मिली हार का बदला ले लिया। प्रणय ने श्रीकांत को फाइनल मैच में बुधवार को 21-15, 16-21, 21-7 से हराकर पुरुष एकल खिताब जीत लिया। प्रणय ने 50 मिनट तक चले बेहद संघर्षपूर्ण मुकाबले में श्रीकांत को इस साल का पांचवां खिताब जीतने से रोक दिया।
कोई भी जीत सकता था सिंधु-साइना भिड़ंत में
भारतीय बैडमिंटन की दो क्वीन कहे जाने वाली साइना और सिंधु के बीच जबर्दस्त मुकाबले का दर्शकों ने पूरा आनंद लिया। सीधे प्री क्वार्टरफाइनल में जगह पाने वाली इन दोनों खिलाड़ियों के बीच कांटे का मुकाबला हुआ। दूसरे गेम में तो यह स्थिति थी कि इस गेम को कोई भी जीत सकती थी। पहले गेम में साइना ने 5-3 की बढ़त बनाई और लगातार अपनी बढ़त मजबूत करती रही। उन्होंने 14-9 और 17-12 की बढ़त बनाई।
सिंधु ने किया बार-बार वापसी का प्रयास
पहले गेम में सिंधु ने वापसी करते हुए स्कोर 17-18 कर दिया। साइना ने फिर लगातार तीन अंक लेकर पहला गेम 21-17 पर समाप्त किया। दूसरा गेम तो रोमांच की पराकाष्ठा पर पहुंच गया। सिंधु ने 5-1 की बढ़त बनाई और वह एक समय 18-14 के स्कोर से अच्छी स्थिति में थी। लेकिन साइना ने लगातार पांच अंक लेकर 19-18 की बढ़त बनाई। साइना फिर 20-19 से आगे हुई और उनके पास एक मैच अंक था। लेकिन सिंधु ने दो अंक लेकर 21-20 की बढ़त बनाई ।
साइना ने सिंधु से गेम के साथ छीना खिताब भी
साइना फिर लगातार दो अंक लेकर 22-21 के साथ मैच जीतने से एक अंक दूर रह गई। साइना के पास चार बार मैच अंक आए। लेकिन हर बार सिंधु ने बराबरी कर ली। स्कोर 25-25 पहुंच चुका था और हर अंक के साथ दर्शकों की सांसें तेज होती जा रही थी। आखिर साइना ने लगातार दो अंक लेकर 27-25 के स्कोर के साथ गेम और मैच समाप्त कर दिया। साइना 9 साल बाद जाकर फिर से राष्ट्रीय चैंपियन बन गई।
प्रणय शुरुआत से ही हावी रहे मैच में
प्रणय ने विश्व के दूसरे नंबर के खिलाड़ी के खिलाफ शानदार शुरुआत करते हुए पहला गेम जीत लिया। श्रीकांत ने वापसी करते हुए दूसरा गेम जीता। लेकिन निर्णायक गेम में प्रणय ने लगातार आठ अंक लेकर 9-1 की बढ़त बनाई और श्रीकांत को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। प्रणय ने अपनी बढ़त को मजबूत करते हुए 13-3, 16-4 और 20-6 पहुंचाकर निर्णायक गेम 21-7 पर समाप्त किया और राष्ट्रीय चैंपियन बन गए। श्रीकांत ने 2017 में ऑस्ट्रेलियन, इंडोनेशिया, डेनमार्क और फ्रेंच ओपन के खिताब जीते थे, जिसकी बदौलत वह विश्व रैंकिंग में दूसरे नंबर पर पहुंच गए थे। लेकिन वह इन खिताबों के साथ इस साल राष्ट्रीय चैंपियन का खिताब नहीं जोड़ पाए।
मनु-सुमित की जोड़ी बनीं पुरुष युगल चैंपियन
पुरुष युगल खिताब दूसरी सीड मनु अत्री और बी. सुमित रेड्डी की जोड़ी ने शीर्ष वरीय सात्विक साईराज रेड्डी और चिराग शेट्टी को एक घंटे छह मिनट तक चले मुकाबले में 15-21, 22-20, 25-23 से हराकर जीता। महिला युगल का खिताब टॉप सीड एन. सिक्की रेड्डी और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी ने संयोगिता घोरपड़े और प्राजक्ता सावंत की जोड़ी को 27 मिनट में 21-14, 21-14 से हराकर जीता। मिश्रित युगल का खिताब दूसरी सीड सात्विक साईराज रेड्डी और अश्विनी पोपन्प्पा की जोड़ी ने टॉप सीड प्रणव चोपड़ा और एन. सिक्की रेड्डी की जोड़ी को 56 मिनट के संघर्ष में 21-9, 20-22, 21-17 से हराकर जीता।
Published on:
08 Nov 2017 10:23 pm
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