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नेशनल हॉकी प्लेयर रीना को दोबारा मिली जिंदगी, फिर हुआ हार्ट ट्रांसप्लांट

भारत की पहली महिला हॉकी खिलाड़ी रीना राजू ने दूसरी बार हार्ट ट्रांसप्लांट से गुजरने के बाद कहा कि वो अपनी जिंदगी को किसी चमत्कार से कम नहीं मानतीं।

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Chandra Prakash Chourasia

Sep 30, 2017

Reena Raju

चेन्नई: ऑपरेशन थिएटर का अंदरूनी हिस्सा, डोनर का इंतजार, शरीर के अंदर धड़क रहे किसी अजनबी के दिल के साथ जगना। दूसरी बार हार्ट ट्रांसप्लांट से गुजरी रीना राजू के लिए ये सब बातें कोई नई नहीं थी। आठ साल पहले भी उनको इसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा था।

5 दिन पहले हुआ हार्ट ट्रांसप्लांट
राष्ट्रीय स्तर की हॉकी खिलाड़ी 35 वर्षीय रीना ने वर्ल्ड हार्ट डे के अवसर पर बीमारी से जूझ रहे लोगों को संदेश देते हुए कहा, मैं चमत्कार में भरोसा करती हूं। मैं आज यहां उन दो परिवारों की वजह से हूं, जिनसे मैं कभी मिली ही नहीं। रीना ने दूसरी बार हार्ट ट्रांसप्लांट से गुजरने के 5 दिनों के बाद ये बातें कही।


पहला प्रत्यारोपण 2009 में
2009 में हृदय प्रत्यारोपित करवा देश में ट्रांसप्लांट का चेहरा बनीं रीना को लो ब्लड प्रेशर की वजह से ब्लैकआउट का सामना करना पड़ा था। फ्रंटियर लाइफलाइन हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉक्टर केएम चेरियन ने कहा, रीना के मामले में बाइपास का कोई विकल्प नहीं था। उनकी धमनियों में 90 प्रतिशत के करीब ब्लॉकेज था। उन्हें फौरन वेंटीलेटर पर रखा गया और ईसीएमओ की मदद से मैकेनिकल सपोर्ट दिया गया। उनकी हालत बिगड़ रही थी, लेकिन हम लोगों ने उम्मीद नहीं खोई। अंत में एक परिवार मिल ही गया, जो ब्रेन डेड घोषित हो चुके अपने बच्चे का अंगदान करने के लिए तैयार हो गया। चिकित्सक और राज्य ट्रांसप्लांट अथॉरिटी ने बिना कोई समय गंवाए उसी दिन हार्ट ट्रांसप्लांट कर दिया।