
फॉर्मूला वन के महान ड्राइवर माइकल शूमाकर को 13 साल से दुनिया ने नहीं देखा है। दिसंबर 2013 में एक स्कीइंग दुर्घटना में गंभीर रूप से चोटिल होने के बाद शूमाकर कोमा में चले गए थे। इसके बाद सितंबर 2014 से उनका स्विट्जरलैंड स्थित घर पर ही इलाज चल रहा है। इस बीच तीन लोगों ने उनकी निजी तस्वीरें और वीडियो चुरा लिए और उन्हें सार्वजनिक करने के लिए परिवार को ब्लैकमेल करने लगे। अब इन तीनों दोषियों को पश्चिम जर्मनी की एक अदालत ने तीन साल की सजा सुनाई है।
रिपोर्ट के अनुसार, अपराधियों ने 56 वर्षीय शूमाकर और उनके परिवार की 900 तस्वीरें और करीब 600 वीडियो चुरा लिए थे। इसमें शूमाकर के मेडिकल रिकॉर्ड की डिजिटल प्रतियां भी शामिल थीं। अपराधियों ने इन्हें सार्वजनिक करने की धमकी दी और इससे बचने के लिए परिवार से 136 करोड़ रुपए मांगे। परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने अपराधियों को पकड़ा और सभी तस्वीरें व वीडियो जब्त कर लिए।
जिन तीन दोषियों को सजा सुनाई गई है, उसमें शूमाकर का पूर्व सुरक्षा गार्ड भी शामिल है। अदालत ने मुख्य दोषी को तीन साल की जेल और उसके नाबालिग बेटे को छह महीने की निलंबित सजा सुनाई है। इन पर 1.09 लाख का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, पूर्व सुरक्षा गार्ड को दो साल की कैद मिली है और 2.18 लाख का जुर्माना लगाया गया है।
जर्मनी के दिग्गज ड्राइवर माइकल शूमाकर 2012 में एफ-वन से संन्यास ले लिया था। वे अपने परिवार के साथ 2012 में स्विट्जरलैंड के मेरिबल में फ्रेंच आल्प्स में अपने बेटे के साथ स्कीइंग कर रहे थे। इस दौरान वह गिर गए और उनका सिर एक चट्टान से टकरा गया था। इसके बाद उनका इलाज हुआ, लेकिन वह कभी पूरी तरह से सही नहीं हो सके।
माइकल शूमाकर अब कैसे दिखते हैं, उनकी तबीयत कैसी है, वो चल पाते हैं या नहीं, इन बातों के बारे में दुनिया को कोई खबर नहीं है। निजी विला में शूमाकर की देखभाल करने के लिए डॉक्टर और नर्सों की एक टीम 24 घंटे उनके घर में मौजूद रहती है।
Updated on:
15 Feb 2025 10:36 am
Published on:
15 Feb 2025 09:44 am
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