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पेरिस ओलंपिक गोल्‍ड मेडलिस्‍ट इमान खलीफ महिला नहीं… पुरुष हैं, लीक हुई मेडिकल रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

Imane Khelif not a woman: अल्जारिया की महिला मुक्केबाज इमाने खलीफ को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। लीक हुई एक एक रिपोर्ट के अनुसार, इमाने खलीफ जैविक तौर पर महिला नहीं, बल्कि पुरुष हैं। बता दें कि पेरिस ओलंपिक खेलों में उन्‍होंने 66 किग्रा वर्ग मुक्‍केबाजी में स्वर्ण पदक जीता था।

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IOC set to ban all transgender in 2028 Olympics

बॉक्‍सर इमान खलीफ। (फोटो सोर्स: एक्‍स@/IOC)

Imane Khelif not a woman: पेरिस ओलंपिक खेल 2024 में स्वर्ण पदक जीतने वाली अल्जारिया की महिला मुक्केबाज इमाने खलीफ एक नए विवाद में फंस गई हैं। हाल में आई एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 25 वर्षीय इमाने खलीफ जैविक तौर पर महिला नहीं, बल्कि पुरुष हैं। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि उनके पुरुषों वाले प्राइवेट पार्ट छोटे हैं। बता दें कि पेरिस ओलंपिक खेलों के दौरान इमाने खलीफ के जेंडर को लेकर तब विवाद बढ़ गया था, जब उनकी विपक्षी ने उनके मुक्‍के के प्रहारों को पुरुषों जैसा बताकर मैदान छोड़ दिया था। इसके बाद इमाने ने पेरिस ओलंपिक में 66 किग्रा वर्ग मुक्‍केबाजी में स्वर्ण पदक जीता था।

पत्रकार ने लीक की मेडिकल रिपोर्ट

हाल ही में इमाने खलीफ की एक मेडिकल रिपोर्ट लीक हुई है, जो जून 2023 की है। यह मेडिकल रिपोर्ट पेरिस के क्रेमलिन-बिसेत्रे अस्पताल और अल्जीयर्स के मोहम्मद लैमिन डेबाघिन अस्पताल के विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई है। इस रिपोर्ट को फ्रांस के एक पत्रकार ने लीक की है।

इमाने खलीफ के अंदर एक्सवाई क्रोमोसोम

रिपोर्ट में साफ लिखा है कि इमाने खलीफ के अंदर एक्सवाई क्रोमोसोम हैं और वह जैविक रूप से पुरुष हैं। उनके अंदर कोई गर्भाशय नहीं है, जो महिलाओं में होता है। इसमें यह भी लिखा है कि खलीफ 5-अल्फा रिडक्टेस की कमी से प्रभावित हैं, जो यौन विकास का एक विकार है और यह सिर्फ जैविक पुरुषों में पाया जाता है।

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IBA ने लगाया था प्रतिबंध

अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (IBA) ने भी मार्च 2023 में इमाने खलीफ को जैविक तौर पर पुरुष माना था। इस कारण उन्हें महिलाओं की चैंपियनशिप में उतरने से प्रतिबंधित कर दिया था।

ओलंपिक में इसलिए मिला मौका

आईबीए के प्रतिबंध के बावजूद इमाने खलीफ को पेरिस ओलंपिक में खेलने का मौका इसलिए मिला, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) सिर्फ कानूनी दस्तावेज मानती हैं। इसके तहत, खलीफ के दस्तावेज पर महिला लिखा हुआ है। हालांकि आइओसी के इस नियम की काफी आलोचना हुई।