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Sarvesh Kushare: मक्‍के के छिलकों पर की प्रैक्टिस, अब कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की झोली में डाला सिल्वर मेडल

CWG 2026, Sarvesh Kushare Silver Medal: ग्लासगो में खेले गए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के हाई जंप मुकाबले में भारत के सर्वेश कुशारे ने सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। एक समय खेतों में मकई के छिलकों पर प्रैक्टिस करने वाले सर्वेश की इस ऐतिहासिक जीत की पूरी कहानी पढ़ें।
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भारत

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Anshika Verma

Jul 28, 2026

Sarvesh Kushare , Sarvesh Kushare High Jump

सर्वेश कुशारे (Photo - ESPN)

CWG 2026, Sarvesh Kushare Silver Medal: भारत के नेशनल रिकॉर्ड होल्डर एथलीट सर्वेश कुशारे ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कमाल कर दिया है। उन्होंने पुरुषों के हाई जंप (ऊंची कूद) इवेंट में 2.25 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। वह इस इवेंट में सिल्वर जीतने वाले भारत के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। इस शानदार जीत पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई दी है।

31 साल के सर्वेश ने बहुत ही शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन वह गोल्ड मेडल से बस बाल-बाल चूक गए। आपको बता दें कि सर्वेश से पहले साल 2022 के खेलों में तेजस्विन शंकर ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत का खाता खोला था।

थोड़े से अंतर से चूके गोल्ड मेडल

मैच के दौरान सर्वेश और जमैका के रोमेन बेकफोर्ड, दोनों खिलाड़ियों ने 2.25 मीटर की ऊंचाई बहुत आसानी से पार कर ली थी। लेकिन इसके बाद 2.28 मीटर की ऊंचाई दोनों ही पार नहीं कर पाए। ऐसे में विजेता का फैसला काउंटबैक नियम से किया गया। बेकफोर्ड ने जंप करने में कम गलतियां (फाउल) की थीं, इसलिए उन्हें गोल्ड मेडल दे दिया गया और सर्वेश को सिल्वर से संतोष करना पड़ा। इसी मुकाबले में इंग्लैंड के जैक किमानी ने 2.20 मीटर जंप के साथ ब्रॉन्ज जीता, जबकि भारत के ही एक अन्य खिलाड़ी आदर्श राम 2.15 मीटर की जंप के साथ पांचवें नंबर पर रहे।

प्याज के खेत से लेकर मेडल तक का सफर

महाराष्ट्र के नासिक जिले के रहने वाले सर्वेश का यहां तक पहुंचने का सफर बहुत संघर्ष भरा रहा है। उनके पिता एक किसान हैं और प्याज की खेती करते हैं। बचपन में जब उनके पास प्रैक्टिस के लिए सही गद्दे (लैंडिंग पिट) नहीं थे, तब उनके पिता और उनके पहले कोच ने एक देसी जुगाड़ निकाला। उन्होंने खेत में पड़े मक्‍के के छिलकों, कपास और खेत के कचरे को इकट्ठा करके एक गद्दा बनाया, ताकि सर्वेश बिना चोट खाए अपनी हाई जंप की प्रैक्टिस कर सकें।

लगातार शानदार फॉर्म में चल रहे हैं सर्वेश

सर्वेश पिछले कुछ समय से बेहद शानदार खेल दिखा रहे हैं। इसी महीने उन्होंने मोनाको डायमंड लीग में भी 2.26 मीटर की छलांग लगाकर तीसरा स्थान हासिल किया था। वह डायमंड लीग में मेडल जीतने वाले भारत के चौथे एथलीट बने थे। इससे पहले उन्होंने भुवनेश्वर में भी 2.31 मीटर कूदकर अपना नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया था।

'अब एशियाई खेलों में जीतना है गोल्ड'

अपना पहला बड़ा इंटरनेशनल मेडल जीतने के बाद सर्वेश बहुत खुश नजर आए। उन्होंने कहा, 'यह मेरा पहला बड़ा मेडल है। एशियाई खेल और कॉमनवेल्थ गेम्स, ओलंपिक की तैयारी के लिए बहुत जरूरी हैं। मेरा असली सपना ओलंपिक में मेडल जीतना है। इसके साथ ही मैं आने वाले एशियाई खेलों में हर हाल में गोल्ड जीतना चाहता हूं।' आखिरी पलों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह हर ऊंचाई को पहली ही बार में पार करना चाहते थे। अपने साथी खिलाड़ी तेजस्विन शंकर को लेकर उन्होंने कहा कि वह एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं और उन्होंने मेरी काफी मदद भी की है।

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