
Sensational Disclosure by Rugby Players: रग्बी खिलाड़ियों को लेकर हाल में हुए एक खुलासे ने सनसनी मचा दी है। इसके तहत मैच के दौरान सिर पर लगने वाले मुक्के खिलाड़ियों के लिए जानलेवा बीमारियों का कारण बन रहे हैं। दरअसल, 168 पूर्व खिलाड़ियों ने रग्बी फुटबॉल लीग (RFL) और ब्रिटिश एमच्योर रग्बी लीग एसोसिएशन (BARLA) के खिलाफ कोर्ट में संयुक्त रूप से मुकदमा दायर किया है। इसमें पेश किए दस्तावेजों के अनुसार, 168 में से 108 खिलाड़ियों में मानसिक बीमारियों के गंभीर लक्षण पाए गए हैं।
रिपोर्ट के तहत, रग्बी खिलाड़ी क्रॉनिक ट्रॉमाटिक एन्सेफैलोपेथी (CTE) नामक बीमारी का शिकार बन रहे हैं। यह वो स्थिति है, जो बार-बार सिर पर चोट लगने और सिर पर वार करने से जुड़ी मानी जाती है। यह धीरे-धीरे समय के साथ और ज्यादा खराब होती जाती है और इंसान को मनोभ्रंश की ओर ले जाती है। कई स्थिति में यह लाइलाज बीमारी बन जाती है।
पूर्व खिलाड़ियों का आरोप है कि रग्बी फुटबॉल लीग और ब्रिटिश एमच्योर रग्बी लीग एसोसिएशन ने उन्हें गंभीर मस्तिष्क चोटों से बचाने के लिए उचित कार्रवाई करने में लापरवाही बरती है। खिलाड़ियों का मानना है कि शासी निकाय को वास्तविक या संदिग्ध मस्तिष्क चोटों के मूल्यांकन, निदान और उपचार के लिए नियम बनाने चाहिए थे और उन्हें लागू करने चाहिए थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
- मुकदमा दायर करने वाले खिलाड़ियों की उम्र 26 से 76 वर्ष के बीच है। इनमें से पांच की अब मृत्यु हो चुकी है।
- कई खिलाड़ी अवसाद और चिंता से जूझ रहे हैं। इनमें से कुछ खिलाड़ियों ने कहा कि उनमें आत्महत्या करने का विचार भी आया।
- कई खिलाड़ी अपने खेल करियर के क्षणों को याद नहीं करते, क्योंकि वे गंभीर चोट से जूझ चुके थे।
- मैच के दौरान कई खिलाड़ियों की नाक टूटी और कई ने उल्टी की, लेकिन इसके बावजूद वे खेलते रहे।
पूर्व खिलाड़ियों ने दावा किया कि मैच में खतरनाक टैकल को प्रोत्साहित किया जाता है। रिपोर्ट में विस्तार से बताया गया है कि कैसे विपक्षी खिलाड़ी के सिर को निशाना बनाया जाता है। इस दौरान विपक्षी टीम के सबसे प्रमुख खिलाड़ी के सिर पर जोरदार घूंसे लगाए जाते हैं।
Updated on:
26 Mar 2025 09:07 am
Published on:
26 Mar 2025 09:07 am
