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शूटर जसपाल राणा की मौत के बाद अब मां का भी निधन, बेटे की मौत के 16वें दिन दुनिया को कहा अलविदा

जसपाल राणा की मां श्यामा देवी का निधन हो गया है। उनकी मां ने राणा की मौत के 16 दिन बाद राणा के जन्मदिन के दिन अंतिम सांस ली।
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भारत

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Siddharth Rai

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Updated: 29 Jun 2026, 2:08 PM IST

Jaspal Rana Mother Passes Away

जसपाल राणा की मां श्यामा देवी का निधन हो गया है। (Photo-Facebook/Jaspal Rana)

Shooter Jaspal Rana Mother Passes Away: देश के जाने-माने शूटिंग कोच और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित जसपाल राणा का हाल ही में निधन हो गया था। अब उनके निधन के महज 16 दिन बाद उनकी 78 वर्षीय मां श्यामा देवी भी इस दुनिया को अलविदा कह गई हैं। श्यामा देवी लंबे समय से कैंसर से जूझ रही थीं और पिछले कई दिनों से नई दिल्ली के आरआर अस्पताल में भर्ती थीं। उन्होंने 28 जून को अंतिम सांस ली।

राणा के जन्मदिन के दिन मां ने अंतिम सांस ली

दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि 28 जून को ही जसपाल राणा का जन्मदिन भी था। उनके निधन की खबर मिलते ही खेल जगत और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। 12 जून को जसपाल राणा के निधन के बाद एक महीने के अंदर राणा परिवार पर यह दूसरा बड़ा आघात है। महज 49 साल की उम्र में दिल से संबंधित बीमारी के कारण राणा का निधन हुआ था।

राणा ने मात्र 12 साल की उम्र में खिताब जीता था

बता दें कि 28 जून 1976 को टिहरी गढ़वाल में जन्मे जसपाल राणा का 12 जून 2026 को दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया था। जसपाल राणा महज ने 12 साल की उम्र में 1988 में 31वीं राष्ट्रीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में रजत पदक जीता था। 1994 में इटली के मिलान में आयोजित विश्व निशानेबाजी प्रतियोगिता में जूनियर स्तर पर उन्होंने विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए अंतर्राष्ट्रीय पहचान हासिल की थी। 1996 में अटलांटा ओलंपिक में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया।

आठ एशियन गेम्स पदक भी जीते

राणा ने कॉमनवेल्थ गेम्स में 15 पदक जीते, जिसमें 1994 और 2006 के बीच चार संस्करणों में नौ स्वर्ण पदक शामिल थे। उन्होंने आठ एशियन गेम्स पदक भी जीते, जिसमें से चार स्वर्ण पदक थे। उनकी सबसे यादगार उपलब्धियों में 2006 के दोहा एशियन गेम्स शामिल हैं, जहां उन्होंने तेज बुखार के बावजूद तीन स्वर्ण पदक जीते और 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल इवेंट में 590 के विश्व रिकॉर्ड स्कोर की बराबरी की।

एथलीट के तौर पर संन्यास के बाद राणा कोचिंग के क्षेत्र में सक्रिय हुए और देश के लिए भविष्य के निशानेबाजों को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। उनकी मेहनत का परिणाम हमें पेरिस ओलंपिक 2024 में दिखा था। उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेने वाली मनु भाकर ने 2 पदक जीते। वह एक ओलंपिक में 2 पदक (कांस्य) जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट बनीं। जसपाल को महज 18 साल की उम्र में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। 21 साल की उम्र में उन्हें पद्मश्री पुरस्कार मिला। 2020 में उन्हें द्रोणाचार्य पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।

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