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यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने WFI पर लगा बैन हटाया, लिखित में मांगी यह गारंटी

यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने भारतीय कुश्ती महासंघ पर से निलंबन तत्काल प्रभाव से हटा लिया है। यूडबल्यूडबल्यू ने भारतीय कुश्ती महासंघ की सदस्यता बहाल कर दी है। पिछले साल अगस्त में महासंघ की सदस्यता अनिश्चित काल के लिए रद्द कर दी गई थी।

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Wrestling Federation of India: यूनाइटेड वर्ल्ड रेसल‍िंग (UWW) ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) पर लगे बैन को हटाने का फैसला किया है। यूडबल्यूडबल्यू ने तय समय पर चुनाव नहीं होने के चलते पिछले साल 23 अगस्त को डबल्यूएफ़आई की सदस्यता को अनिश्चित काल के लिए रद्द कर दी गई थी। यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग की तरफ से इस संबंध में एक बयान भी जारी किया गया है।

UWW ने अपने बयान में कहा, 'यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने 23 अगस्त 2023 को ही भारतीय कुश्ती महासंघ की सदस्यता अनिश्चितकाल के लिए निलंबित की थी। इसका कारण था कि भारतीय फेडरेशन तय समय के अंदर चुनाव कराने में सफल नहीं रही थी। UWW के अनुशासनात्मक चैम्बर ने तब यह फैसला नियमों के तहत ही लिया था, क्योंकि भारतीय महासंघ की यह स्थिति कम से कम 6 महीने से ऐसी ही बनी हुई थी।'

यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने निलंबन की समीक्षा करने के लिए 9 फरवरी को बैठक की थी और उसमें शर्तों के तहत निलंबन हटाने का फैसला लिया गया। यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने शर्त रखी की भारतीय कुश्ती महासंघ को यूडब्ल्यूडब्ल्यू को तुरंत लिखित में यह गारंटी देनी होगी कि सभी पहलवानों को बिना किसी भेदभाव के डब्ल्यूएफआई के प्रतियोगिताओं, विशेष रूप से ओलंपिक खेलों और किसी भी अन्य प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भाग लेने दिया जाएगा।

इस गैर-भेदभाव में वे तीन पहलवान- साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट भी शामिल हैं, जिन्होंने भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषणशरण सिंह के खिलाफ कथित तौर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने आगे कहा कि वह उन तीनों पहलवानों के संपर्क में है और आने वाले दिनों में उनसे संपर्क करेगा।

भारतीय कुश्ती महासंघ पर से निलंबन हटने के बाद भारतीय पहलवान अब यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग के किसी भी प्रतियोगिता में अपने देश के झंडे तले भाग ले सकेंगे। निलंबन के दौरान भारतीय पहलवानों को UWW ध्वज के तहत प्रतिस्पर्धा करनी पड़ रही थी।