
नई दिल्ली। भारतीय शतरंज चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने रियाद में खेले गए वर्ल्ड रैपिड चेस चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया है। खिताबी मुकाबले में विश्वनाथन आनंद ने नार्वे के मैग्रस कार्लसन को हराया। गौरतलब हो कि मैग्रस कार्लसन ने साल 2013 में आनंद को मात देते हुए उनसे नंबर-1 का ताज छीनकर अपने नाम कर लिया था। अब इस जीत के साथ ही आनंद ने कार्लसन के हाथों मिली हार का चार साल बाद बदला ले लिया है।
ऐसा रहा दोनों के बीच का मुकाबला
विश्वनाथन आनंद और मैग्रस कार्लसन के बीच फाइनल मुकाबला 9 राउंड तक चला। काली मुहरों के साथ खेल की शुरुआत करने वाले आनंद शुरुआत से ही आक्रमक नजर आए। जिसका उन्हें फायदा भी मिला। वे जल्द ही कार्लसन पर मानसिक बढ़त लेने में कामयाब रहे। दोनों के बीच खिताबी भिड़ंत 34 चालों तक चला। टूर्नामेंट के 9 मुकाबलों में आनंद का सफर बिना किसी हार के संपन्न हुआ। इन 9 मुकाबलों में से आनंद 5 मुकाबले जीतने में कामयाब रहे, जबकि 4 मुकाबला ड्रॉ रहा। कार्लसन से आनंद ने रूस के व्लादमीर फेडोसीव के साथ ड्रॉ खेला था। आपको बता दें कि मैग्रस कार्लसन को विश्वनाथन आनंद का कड़ा प्रतिद्वंद्वी माना जाता है।
आनंद की जीत पर राष्ट्रपति ने दी बधाई
विश्वनाथन आनंद की जीत पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें बधाई दी है। राष्ट्रपति ने ट्विटर पर बधाई संदेश लिखा। कोविंद ने लिखा कि विश्व रैपिड शतरंज चैंपियनशिप जीतने के लिए विश्वनाथन आनंद को बधाई। दशकों में आप हम सबके लिए प्रेरणादायी रहे हो। भारत को आप पर गर्व है।
जीत ने आलोचकों का मुंह किया बंद
विश्वनाथन आनंद की इस जीत ने आलोचकों का मुंह भी बंद कर दिया। बता दें कि पिछले लंबे समय से आनंद के कई आलोचक संन्यास के बारे में बाते कर रहे थे। आनंद की जीत के बाद रूस के दिग्गज चेस चैपिंयन गैरी कास्पारोव ने भी अपने ट्वीट में इस बात का उल्लेख किया। कास्पारोव ने ट्वीट करते हुए आनंद को बधाई दी। साथ ही लिखा कि यह आलोचकों को आनंद की ओर से दिया गया करारा जवाब है।
Published on:
29 Dec 2017, 12:04 PM IST
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