फिल्म में अहम भूमिका निभाने वाले अभिनेता गौरव देवासी, शहबाज खान, कृष्णा जाला ने कहा कि प्राण प्रीत ना बंध्या बंधन सिर्फ एक सफल व्यक्ति के जीवन में उथल-पुथल की कहानी नहीं है बल्कि यह इस बात का प्रतिबिंब है कि कैसे एक पल में जीवन बदल सकता है। हम खुद को कितना भी शक्तिशाली क्यों न समझें, जीवन के उतार-चढ़ाव के बारे में हम कुछ नहीं कर सकते। मैं एक ऐसे प्रोजेक्ट का हिस्सा बनकर रोमांचित हूं जो इतना गहरा संदेश देता है। निर्देशक दिनेश राजपुरोहित ने कहा कि प्राण प्रीत ना बंध्या बंधन गर्व और पतन के मानवीय अनुभव के बारे में बताता है। कहानी कर्म और भाग्य के सार्वभौमिक विषयों से संबंधित है। मुझे यकीन है कि दर्शक व्यक्तिगत स्तर पर चरित्र की यात्रा से जुड़ पाएंगे। फिल्म 15 नवंबर से सिनेमाघरों में देखने को मिलेगी।