
मुल्तान। पाकिस्तान अपनी बौखलाहट में दुनियाभर से तो मदद की गुहार लगा चुका है। अब फिर भी उसका बस नहीं चल पा रहा है तो उसने भारत से निपटने के लिए अपनी उम्मीदें भगवान तक सीमित कर दी हैं। वहां के शासकों ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 'निपटने' के लिए अपनी उम्मीदें ईश्वर से लगा ली हैं। ऐसा हम हाल ही में आए पाक के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के एक बयान के आधार पर कह रहे हैं।
'अल्लाह की लाठी में आवाज नहीं होती'
शाह महमूद कुरैशी ने कहा है कि 'अल्लाह की लाठी में आवाज नहीं होती। अगर यह चल गई तो मोदी का गरूर खाक में मिल जाएगा।' पाकिस्तानी मीडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, कुरैशी ने यह बात यहां सोमवार को मीडिया के सामने टिप्पणी देते हुए कही। उन्होंने कहा,'पाकिस्तान ने एक बार फिर कश्मीर मुद्दा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठाने का फैसला किया है। इससे पहले कि हम मुद्दा उठाएं, हमारी आवाज वहां तक पहुंचनी चाहिए। अगर हम एकजुट नहीं हुए तो इतिहास हमें कभी माफ नहीं करेगा।'
दशकों पीछे गया पाकिस्तान
कुरैशी ने पिछली पाक सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि, 'कुछ लापरवाहियों ने पाकिस्तान को इस मामले में दशकों पीछे धकेल दिया। अब आगे बढ़ने का वक्त है। दुनिया को पता चलना चाहिए कि कश्मीरी क्या चाहते हैं। जिस दिन मोदी संयुक्त राष्ट्र आम सभा के लिए जाएं, कश्मीरियों और पाकिस्तानियों को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करना होगा, विश्व बिरादरी को चिट्ठी लिखनी होगी, आवाज उठानी होगी। हमें अपनी लड़ाई भरपूर तरीके से लड़नी होगी।'
चीन बनेगा पाकिस्तान का वकील
कुरैशी ने यहां यह भी दावा किया कि कश्मीर मामले में चीन का रुख पाकिस्तान के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सदस्य नहीं है। ऐसे में पाकिस्तान का पक्ष वहां चीन रखेगा। चीन सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान का वकील होगा।
Updated on:
12 Aug 2019 06:15 pm
Published on:
12 Aug 2019 06:14 pm
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