
लाहौर। पाकिस्तान में जबरन धर्मपरिवर्तन के मामले रोजना सामने आते हैं। मगर यह पहली बार है जब पाकिस्तान के वजीरे-आजम ने इस पर अपना मुहं खोला है। पाक पीएम इमरान खान ने जबरन धर्म परिवर्तन में लगे लोगों की निंदा करते हुए कहा कि उन्हें इस्लामिक इतिहास और कुरान की जानकारी नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस्लामिक इतिहास में दूसरों के जबरन धर्म परिवर्तन का कोई उदाहरण नहीं है और जो ऐसा करते हैं वे न तो इस्लाम का इतिहास जानते हैं, न ही कुरान की जानकारी रखते हैं।
ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं
गौरतलब है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक को जबरन धर्मपरिवर्तन के लिए मजबूर किया जाता है। यहां पर ऐसी घटनाएं आम हो चुकी हैं। बीते दिनों अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित करने की कई घटनाएं सामने आई हैं। यहां पर ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जहां लड़कियों को अगवा कर उनका धर्मपरिवर्तन किया जाता और जबरन शादी कर ली जाती है। खासकर हिँदु लड़कियां इन दिनों पाकिस्तान के कट्टर समुदाय के निशाने पर हैं।
धार्मिक स्थलों को सुरक्षा दी थी
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस्लामाबाद में 'एवान-ए-सद्र' में नेशनल माइनॉरिटी डे कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इमरान ने यह बातें कहीं। इमरान के अनुसार पैगम्बर मोहम्मद का जीवन 'फैसले के दिन तक के लिए इंतजार' करने का रोडमैप है। उन्होंने कहा कि पैगंबर ने खुद अल्पसंख्यकों को धार्मिक आजादी दी थी। उनके धार्मिक स्थलों को सुरक्षा दी थी। क्योंकि कुरान आदेश देता है कि धर्म पर कोई दबाव नहीं होना चाहिए।'
गैर-मुस्लिम की हत्या करना हमारे धर्म में नहीं
पाक पीएम इमरान ने कहा कि जबरन धर्म परिवर्तन पाप है। खासकर बंदूक की नोक पर शादी करना और किसी गैर-मुस्लिम की हत्या करना हमारे धर्म में नहीं है। यह सब गैर-इस्लामिक है। अगर अल्लाह ने अपने दूतों को किसी पर अपने विश्वास को थोपने अधिकार नहीं दिया, तो हम कौन है ऐसा करने वाले।
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Updated on:
30 Jul 2019 12:37 pm
Published on:
30 Jul 2019 09:31 am
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