
परिवार व गांव वालों की आंखों का तारा बना एक बालक, पढ़ाई से पहले घर का काम, फिर चराता है मवेशी
रायपुर मारवाड़। बुलंद हौसले के आगे हर परेशानी को मात देकर निरन्तर आगे बढऩे वाला कैलाश आज अपने परिवार ही नहीं बल्कि पूरे गांव की आंखों का तारा बन गया है।
पाली जिले के बिराटिया खुर्द गांव के देवासियो के मोहल्ले में रहने वाला 15 वर्षीय कैलाश देवासी आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से जुड़ा हुआ है। इसके पिता मोहनलाल देवासी मवेशी चराते है। मां सीपू देवी पिछले एक साल से बीमार है। कैलाश के दो बहिने है जिनमे में एक बड़ी है जो ससुराल में रहती है। जबकि एक बहन गांव की सरकारी स्कूल में पढ़ती है। कैलाश के पिता मवेशियों को चराने रेवड लेकर अक्सर बाहर रहते है। मां बीमार होने के कारण घर का पूरा काम कैलाश के जिम्मे ही है।
सरपंच ने की मदद
कैलाश की स्थिति देख बिराटिया खुर्द सरपंच मीनू कंवर राठौड़ ने रायपुर के एक निजी स्कूल में कक्षा दस में निशुल्क प्रवेश दिलाया। स्कूल हॉस्टल में भी निशुल्क रहने की अनुमति दिलवाई। कैलाश सुबह छह बजे उठ घर के सारे काम कर किसी बाइक वाले से लिफ्ट लेकर बर आता है। यहां से स्कूल की बस में बैठ स्कूल पहुंचता है।
कैलाश का सपना करेंगे पूरा
कैलाश कम उम्र में घर व पढ़ाई की जिम्मेदारी बखूबी निभा रहा है। ये आईआईटी करना चाहता है। इसका सपना पूरा हो उसके लिए पूरी मदद करेंगे। -मीनू कंवर राठौड़ सरपंच बिराटिया खुर्द
Published on:
15 Jun 2019 04:08 pm
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