1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बसों की छत पर जाने को नहीं होंगी सीढि़यां, ऊपर से हटाने होंगे कैरियर

1 जनवरी से कैरियर व सीढि़यों वाली बस पर होगी कार्रवाई

2 min read
Google source verification

पाली

image

Rajeev Dave

Dec 30, 2025

Transport Department

शहर में एक जगह पर खड़ी निजी बस।

फोरलेन व गांवों की सड़कों पर दौड़ने वाली बसों की छत पर यात्रियों को बैठाने के साथ काफी सामान बांधा जाता है। जो हादसे का सबब बनता है। अब ऐसा नहीं चलेगा। बस संचालकों को बस के ऊपर जाने के लिए लगी सीढि़यों को हटाना होगा। बस के ऊपर सामान रखने कोई कैरियर नहीं लगा सकेंगे। ऐसा करने पर कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन विभाग की ओर से एक आदेश जारी किया गया है। जिसके तहत निजी बस संचालकों को बसों की छत पर लगे कैरियर और ऊपर चढ़ने की सीढ़ियां 31 दिसम्बर तक हटानी होगी। सीढि़यां व कैरियर नहीं हटाने पर 1 जनवरी 2026 से प्रवर्तन संबंधी कार्रवाई की जाएगी। चालान काटने के साथ बसों को जब्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।

जयपुर के पास हुआ था हादसा

इस साल 28 अक्टूबर को जयपुर के पास टोडी गांव में एक ईंट भट्टे पर मजदूरों को छोड़ने जा रही स्लीपर बस बिजली लाइन के तारों से छू गई थी। जिससे बस में करंट दौड़ा और आग लग गई। सवारियों में चीख पुकार मच गई। हादसे में पिता-पुत्री की मौत हो गई और 13 अन्य झुलस गए थे। आग लगने से बस में रखे तीन सिलेंडर भी फट गए। बस की छत पर गैस सिलेंडर एवं मोटरसाइकिल व घरेलू सामान रखा था। यह समान 11 केवी बिजली लाइन को छु गया था। जिससे हादसा हुआ था।

इन्होंने कहा

निजी बस संचालक छतों पर यात्रियों को बैठाते हैं। बसों की छत पर सामान रखते हैं। जो सड़क सुरक्षा दृष्टि से गलत है। बसों में ओवरलोडिंग व ओवरक्राउडिंग के कारण यह नई व्यवस्था की है। नियमों का पालन नहीं करने पर बसों का चालान काटने के साथ बसें सीज की जाएगी।

ओपी बैरवा, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी, पाली

यह रहता है खतरा

  • बसों की छत पर रखी धातु की वस्तुएं ऊपर से गुजरती हाई-टेंशन लाइनों से छू जाती है। इससे बसों में करंट फैलने का खतरा रहता है। बसों में आग भी लग सकती है।
  • बस के अचानक रुकने या मुड़ने पर छत का सामान गति के जड़त्व नियम के अनुसार आगे या पीछे गिर जाता है। जिससे संतुलन बिगड़ता है और दुर्घटना की संभावना रहती है।
  • क्षमता से अधिक सामान और यात्रियों को ढोने से बस का संतुलन बिगड़ता है। वह अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो सकती है।
  • यात्रियों को छत पर बैठने पर उनके बिजली के तारों की चपेट में आने से करंट आ सकता है। पेड़ों की डालियों से टकराकर व बसों के अचानक ब्रेक लगने या स्पीड ब्रेकर आदि पर नीचे गिरने का खतरा रहता है।