
युवा दिवस विशेष : फैक्ट्री में गुजारी रातें, दाल-चावल से भरा पेट, आज 400 करोड़ की कम्पनी के डायरेक्टर
पाली। स्वामी विवेकानंद ने कहा था उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत...अथार्त उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक कि अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच जाओ। इसी बात को पाली के युवा अपना ध्येय बनाकर चल रहे है। उनमें से ही एक है अरुण गुप्ता। जिन्होंने जीवन की शुरुआत महज 22 वर्ष की उम्र में दमन की एक प्लास्टिक फैक्ट्री में कार्य करने से की और आज 400 करोड़ की कम्पनी के डायरेक्टर है। अब दिल्ली में रहने वाले गुप्ता युवाओं को स्वामी विवेकानंद के जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढऩे की सीख देते हैं और खुद समाजसेवा से भी जुड़े है।
रोजाना खाने को मिलते थे आलू की सब्जी व रोटी
अभी दिल्ली में रहने वाले गुप्ता बताते है कि दमन में जब वे काम करने गए तो फैक्ट्री में ही सोते थे। वहां कम से कम 12 घंटे रोजाना कड़ी मेहनत करने पर एक समय दाल-चावल व एक समय आलू की सब्जी व रोटी खाने को मिलती थी। वहां मेहनत करते हुए ही उन्होंने वर्ष 2000 में एक वाटर प्यूरीफायर कम्पनी में कार्य करना शुरू किया। इसके बाद एक ही साल में वे कम्पनी में पार्टनर बने और आज डायरेक्टर है। उनकी कम्पनी के भारत में 70 ऑफिस है।
साप्ताहिक अवकाश में करता था ट्रेडिंग
वे बताते है कि दमन में प्लास्टिक फैक्ट्री में काम करते समय वे साप्ताहिक अवकाश के दिन प्लास्टिक सामग्री की ट्रेडिंग करते थे। इससे उनको 500 से 2000 रुपए तक की अतिरिक्त आमदनी होती थी। वे लोगों का सहयोग करते है, लेकिन बताना पसंद नहीं करते है। जोधपुर टीबी अस्पताल में एक वर्ष तक उनकी तरफ से अटेण्डेंट को भोजन भी कराया गया। एम्बुलेंस के उपकरण दिए। समाज के धार्मिक आयोजनों के साथ हमेशा सहयोग को तैयार रहते हैं।
Published on:
12 Jan 2021 09:35 am
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