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यहां ‘Shakti Vandan’ के इत्तर बेघर होती नारी, हर तीसरे दिन महिला हिंसा की शिकार, पढ़ें पूरी खबर…

women violence cases in Pali Rajasthan : नारी शक्ति वंदन अधिनियम के बीच हिंसा के मामले बढ़ा रहे चिंता। हर दिन एक महिला हो रही पीड़ा की शिकार, कई घर उजड़ चुके।  

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पाली

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Suresh Hemnani

Sep 29, 2023

यहां ‘Shakti Vandan’ के इत्तर बेघर होती नारी, हर तीसरे दिन महिला हिंसा की शिकार, पढ़ें पूरी खबर...

सखी वन स्टॉप सेंटर

women violence cases in Pali Rajasthan : एक ओर तो नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए देश की लोकसभा व राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीट आरक्षित करने का प्रावधान कर अनूठा संदेश दिया गया है, ताकि महिलाएं राजनीतिक क्षेत्र में भी प्रगति के पथ पर अग्रसर हो सके। वहीं इससे उलट प्रदेश के गांव-कस्बों में महिला अपराधों की संख्या है कि घटने का नाम ही नहीं ले रही। पाली भी इससे अलग नहीं है। यहां घरेलू हिंसा की शिकायत एक गंभीर चिंता बनी हुई है।

आंकड़ों की बात करें तो पिछले चार साल मेें पाली जिले में घरेलू हिंसा के 449 मामले सामने आए हैं। वही इस वर्ष के अप्रेल से अगस्त तक पांच माह में ही घरेलू हिंसा के 169 मामले सामने आ चुके हैं, जो कि गत चार साल में सबसे ज्यादा है। वही इस साल के अप्रेल माह में 42 महिलाएं घरेलू हिंसा से पीड़ित हुई है। जिले में घरेलू हिंसा के मामले बढ़ने से कई घर उजड़ गए तो कई परिवार टूटने की कगार पर पहुंच चुके हैं। हालांकि, ऐसे में बेघर हुईं (भटकीं) महिलाओं को संबल देने में पाली के बांगड़ अस्पताल में बना सखी सेंटर मददगार बन रहा है।

कोशिश... फिर से बस जाए घर
सखी सेंटर के कार्मिकों की कोशिश रहती है कि महिला का घर दोबारा से बस जाए। अधिकतर केस में घर बसाने में कामयाबी मिली हैं। लेकिन, पीड़िता दोनों पक्षों में किसी के साथ नहीं रहना चाहती तो उसे जोधपुर नारी निकेतन भेज दिया जाता है। कई बार महिलाओं को ससुराल पक्ष की ओर से घर से निकाल दिया जाता है या दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता है। इसके अलावा परिजनों से नाराज होकर किशोरी या युवती भी घर छोड़कर चली जाती हैं। ऐसे में उनके साथ आपराधिक घटना होने की आशंका रहती है। इसके लिए उन्हें सखी सेंटर की शरण लेनी चाहिए।

सखी सेंटर पर हर दिन पहुंच रही पीड़ित महिला
सखी सेंटर में आने वाली महिलाओं की काउंसलिंग करवाई जाती है और कानूनी लड़ाई के लिए वकील मुहैया करवाया जाता है। पाली के सखी सेंटर पर हर माह करीब 30 से ज्यादा महिलाएं मदद के लिए पहुंच रही हैं।

घरेलू हिंसा के मामले
2019-20 75
2020-21 110
2021-22 96
2022-23 168

इस वर्ष आए मामले
अप्रेल 42
मई 34
जून 32
जुलाई 30
अगस्त 31

टॉपिक एक्सपर्ट : 18 से 35 साल की महिलाएं हो रही ज्यादा शिकार
आए दिन घरेलू हिंसा के मामले आ रहे हैं। ज्यादातर मामले 18 से 35 साल की बालिकाओं व महिलाओं के आते हैं। सखी सेंटर में आने वाली पीड़ित महिलाओं की जब काउंसिलिंग करवाई जाती है तो वे बताती हैं कि उनके पति नशे आदी है। जब पति को नशा करने से रोकती हैं तो मारपीट करता है। कई बार घर से बाहर निकाल देता है। कोशिश रहती है कि दोनों में समझाइश करवाई जाए। -देवी बामणिया, प्रबंधक, सखी सेंटर