
पाली। सेंदड़ा के दही बड़ों का नाम सुनते ही लोगों के मुंह मे पानी आ जाता है। वजह भी है कि यहां के दही बड़ों का स्वाद कुछ अलग ही है। इसी स्वाद की वजह से पिछले 112 साल से इसी दुकान पर आज भी रोजाना 600 से अधिक लोग दही बड़े का आनन्द लेने पहुंच रहे हैं।
आगरा के गुप्ता परिवार ने इन्हीं स्वादिष्ट दही बड़ों के दम पर सेंदड़ा को राज्य में अलग पहचान दिलाई है। 1907 में खुली दही बड़े की दुकान आगरा निवासी खेमचंद गुप्ता 1907 में आगरा छोड़ सेंदड़ा आकर रहने लगे। इन्होंने यहां किराए की दुकान में दही बड़े बनाकर बेचना शुरू किया। दही बड़ों के स्वादिष्ट होने से दुकान पर ग्राहकों की भीड़ उमडऩे लगी।
जिससे दही बड़ों का व्यवसाय पीढ़ी दर पीढ़ी चलता रहा। खेमचंद के निधन हो जाने के बाद उनके बेटे ओमप्रकाश गुप्ता ने दुकान संभाली। ओमप्रकाश के बाद बेटे राजेश ने इस पुश्तेनी व्यवसाय को जारी रखा। अब राजेश गुप्ता के बाद इनके बेटे राहुल ये व्यवसाय कर रहे हैं। 80 साल से इसी दुकान पर नौकरी सेंदड़ा के पास गांव के घीसाराम गुर्जर पिछले 80 साल से इसी दुकान पर नौकरी कर रहे हैं।
घीसाराम बताते हैं कि सेंदड़ा का पानी मीठा होने व क्वालिटी मेंटेन रखने से दही बड़े स्वादिष्ट बनते हैं। जिन्हें खाने के लिए लोग दूर दूर से खिंचे चले आते हैं।
मिट्टी के कुल्हड़ में करते पैक
जयपुर जोधपुर हाइवे पर आबाद सेंदड़ा गांव के बस स्टैंड पर स्थित इस दुकान पर रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। यहां दही बड़े मिट्टी के कुल्हड़ में पैक कर दिए जाते हैं। जो 24 घण्टे तक खराब नहीं होते हैं।
मुख्यमंत्री भी स्वाद के दीवाने
इसी दुकान पर काम करने वाले महेंद्र ने बताया कि राज्य में अब तक जो भी मुख्यमंत्री बने वे सभी यहां से गुजरते समय इस दुकान पर जरूर आए। इनमें से वर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तो यहां कई बार आ चुके है।
फिल्मी दुनिया के सितारों से लेकर विदेशी पर्यटक भी यहां दही बड़ों का स्वाद लेने पहुंच जाते हैं।
मेहमान नवाजी भी दही बड़े से
सेंदड़ा से लेकर आस-पास के गांवों में जब भी किसी के यहां मेहमान आते हैं, मेहमान नवाजी के तौर पर उन्हें दही बड़े जरूर परोसे जाते हैं। हालात ये हैं कि एक बार जो यहां के दही बड़ों का स्वाद ले लेते हैं, वे दुबारा जरूर डिमांड करते हैं।
दिल्ली तक जाते हैं हमारे पार्सल
पीढ़ी दर पीढ़ी हम दही बड़ों का काम कर रहे हैं। क्वालिटी को मेंटेन रखा हुआ है। रोजाना दिल्ली सहित राज्य के विविध क्षेत्रों में हम मिट्टी के कुल्हड़ में पैक कर पार्सल भी भेजते आ रहे हैं।
-राहुल गुप्ता, दही बड़े वाले, सेंदड़ा
रिपोर्ट- श्याम शर्मा
Published on:
08 Sept 2019 06:00 pm
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