
आपका लाइक उनके लिए अहम है। जितने ज्यादा लाइक, उतनी अच्छी परफोर्मेंस। यानि आप लाइक करेंगे तो वे फेल होने से बच जाएंगे। उनका परफोर्मेंस रिपोर्ट कार्ड अब फॉलोअर्स की संख्या से भी तय होगा। भाजपा सांसदों और विधायकों को सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने का लक्ष्य दिया गया है। इस कारण जनप्रतिनिधि फॉलोअर्स की संख्या बढ़ाने की मशक्कत कर रहे हैं। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सत्ता में आने के बाद सोशल मीडिया का चलन तेजी से बढ़ा है। प्रधानमंत्री मोदी, केन्द्रीय मंत्री सुषमा स्वराज और राज्यवद्र्धन राठौड़ समेत कई केन्द्रीय मंत्रियों की सोशल मीडिया पर नियमित सक्रियता इसका बड़ा उदाहरण है। युवा पीढ़ी तक अपनी पैठ जमाने और सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को सीधे आमजन तक पहुंचाने के लिए केन्द्र और राज्य सरकार सोशल मीडिया पर पूरा फोकस कर रही है। सरकार और पार्टी की बैठकों में भी सांसदों और विधायकों को सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने की नसीहतें दी जा रही है।
सांसद को 1 लाख फॉलोअर्स का लक्ष्य, विधायक के लिए 50 हजार
सोशल मीडिया पर सक्रिय केन्द्र और राज्य सरकार ने अब सांसदों और विधायकों को बाकायदा फॉलोअर्स बनाने का लक्ष्य दिया है। पिछले दिनों जयपुर में हुई बैठक में सांसद को 1 लाख और विधायकों को 50 हजार फॉलोअर्स बनाने के लिए कहा गया है। इस लक्ष्य के बाद अधिकांश सांसद और विधायक सोशल मीडिया पर पूरे सक्रिय हो गए हैं। ऊर्जा मंत्री के सर्वाधिक फॉलोअर्स, आगरी दूसरे नंबर पर पाली जिले के सांसद और विधायकों में ऊर्जा राज्य मंत्री पुष्पेन्द्रसिंह राणावत सोशल मीडिया पर सर्वाधिक सक्रिय है। राणावत के 14652 फॉलोअर्स है। जबकि सोजत विधायक संजना आगरी दूसरे स्थान पर है। आगरी के 13761 फॉलोअर्स है। सांसद पीपी चौधरी सोशल मीडिया पर तीसरे सक्रिय नेता है। उप मुख्य सचेतक और सुमेरपुर विधायक मदन राठौड़ और मारवाड़ जंक्शन विधायक केसाराम चौधरी को फॉलोअर्स बढ़ाने में काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। उनके फॉलोअर्स की संख्या काफी कम है। पाली विधायक ज्ञानचंद पारख के भी 4 हजार से ज्यादा फॉलोअर है। पंचायत राज मंत्री सुरेन्द्र गोयल का सोशल अकाउंट सर्च नहीं हुआ। हालांकि इन नेताओं के नाम से संचालित अकाउंट अधिकृत रूप से कौन चला रहा है इसकी जानकारी नहीं है।

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