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यहां आज भी चिमनी की रोशनी से ही होता हैं उजियारा

- लाखा का खेत गांव में बिजली, पानी व सड़कों की नहीं सुविधा- वन विभाग से एनओसी नहीं मिलने का खामियाजा भुगत रहे ग्रामीण

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पाली

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Suresh Hemnani

Dec 13, 2021

यहां आज भी चिमनी की रोशनी से ही होता हैं उजियारा

यहां आज भी चिमनी की रोशनी से ही होता हैं उजियारा

पाली/सोजत रोड। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से हर गांव को सडक़ों से जोडऩे का दावा किया जा रहा है। हर घर में बिजली की सुविधा देने की बातें जनप्रतिनिधि करते हैं, लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है। हालात यह है कि भी जिले में ऐसे कई गांव है, जिनमें आजादी का अमृत महोत्सव (75वीं वर्षगांठ) मनाने के बावजूद बिजली, पानी व सडक़ों की सुविधा नहीं है। ऐसा ही एक गांव है गुड़ा बींजा ग्राम पंचायत का लाखा का खेत। इस गांव में जनप्रतिनिधि सिर्फ चुनाव के समय आते हैं, भाषण देते हैं, सुविधाएं मुहैया कराने का सपना दिखाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद गांव का रुख तक नहीं करते हैं।

चिमनी की रोशनी में पढऩे को मजबूर बच्चे
इस गांव में सांझ ढलते ही अंधेरा छा जाता है। गांव में बिजली नहीं होने के कारण बच्चों को मजबूरी में चिमनी की रोशनी में ही अध्ययन करना पड़ता है। हालात यह है कि ग्रामीण आज भी सूर्यास्त से पहले अपने सारे कार्य पूरे कर लेते हैं और गांव में सूर्य के अस्ताचल में जाने के साथ गांव में सन्नाटा पसर जाता है। गांव के बुजुर्ग कहते हैं कि हम जब छोटे थे। उस समय से गांव में बिजली की रोशनी का सपना दिखाया जा रहा है, लेकिन आज भी रोशनी चिमनी से ही हो रही है।

वर्ष 2019 में मिली थी स्वीकृति
मगरा क्षेत्र में लाखा का खेत ही ऐसा गांव नहीं है। जो मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। ऐसे ही गांव खोडिय़ा ग्राम पंचायत के सांड मगरा व खेजड़ी का वाला भी है। वैसे लाखा का खेत गांव में बिजली व्यवस्था के लिए वर्ष 2019 में 11केवी बिजली लाइन की स्वीकृति मिली थी, लेकिन वह मामला वन विभाग की ओर से एनओसी नहीं मिलने के कारण अटक गया। जो आज तक मूर्त रूप नहीं ले सका है।

अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को कराया अवगत
आजादी के इतने साल बीत जाने के बाद भी आज तक मगरा क्षेत्र में बिजली नहीं पंहुची है। ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर कई बार उच्चाधिकारियों व जन प्रतिनिधियों को अवगत करवा चुके हैं, लेकिन आज तक कहीं सुनवाई नही हुई है। -निर्मलसिंह रावत, ग्रामीण

जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान
क्षेत्र में बिजली लाने के लिए काफी प्रयास किए। लेकिन, वन विभाग से स्वीकृति नहीं मिलने से लाखा का खेत गांव में अभी तक बिजली नहीं पहुंच पाई है। इससे ग्रामीण खासे परेशान है। -भंवरसिंह, सरपंच, बीजा गुड़ा