12 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इस गांव में नजर आते हैं पैंथर, पढि़ए पूरी खबर

-राजमार्ग व पुलिया के पास दिखा पैंथर : ग्रामीणों में दहशत

2 min read
Google source verification

पाली

image

Suresh Hemnani

Oct 25, 2018

Panther showing in Naharpura village

इस गांव में नजर आते हैं पैंथर, पढि़ए पूरी खबर

बाबरा/पाली। अरावली की पहाडिय़ों से सटे सीमावर्ती प्रतापगढ़ पंचायत के नाहरपुरा गांव के तिराहे पर रात पैंथर दिखने से आस-पास स्थित होटल सहित नाहरपुरा क्षेत्र में दहशत फैल गई। जानकारी के अनुसार ब्यावर-मेड़ता राजमार्ग के नाहरपुरा तिराहे स्थित एक होटल संचालक कालूसिंह रावत ने रात में करीब पौने दस बजे राजमार्ग पर विचरण करते हुए एक पैंथर को कुछ दूरी से देखा। वह भयभीत हो गया।

कुछ समय बाद नाहरपुरा से प्रतापगढ़ मार्ग पर दुपहिया वाहन चला रहे प्रतापगढ़ निवासी गेनसिंह रावत ने भी पैंथर को विचरण करते हुए सडक़ पर देखा। हालांकि कुछ देर बाद पैंथर झाडिय़ों में ओझल होकर पहाडिय़ों की तरफ लौट गया। पैंथर के नजर आने के बाद ग्रामीणों ने वनविभाग को सूचित किया। इसके बाद वनरक्षक गोविन्दराम सेन सहित वन कार्मिक मौके पर पहुंचकर आसपास के लोगों को सतर्क किया। नाहरपुरा तिराहे व नाहरपुरा पुलिया के पास रात में पैंथर के नजर आने के बाद नाहरपुरा सहित तिराहे स्थित होटलों व ढाबों पर दहशत फैल गई।

पूर्व में भी घटित हो चुकी घटनाएं
क्षेत्र की पथरीली व पहाड़ी भू-क्षेत्र पर 14 फरवरी 2010 को प्रतापगढ़ पंचायत के मोहरा सरहद में एक मादा पैंथर ने पशुपालक पर हमला कर दिया था। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने उस समय पैंथर पर ही हमला कर लाठियों से पीट कर मार डाला था। 13 सितम्बर 2014 को प्रतापगढ़ पंचायत के करणपुरा सरहद में पैंथर के हमले में पांच बकरियों की मौत, दो घायल, 11 दिसम्बर 2016 को छोटा खेड़ा में 16 भेड़ों की मौत, 7 घायल, 09 जुलाई 2017 को प्रतापगढ़ क्षेत्र में एक बकरे को मार गिराया। अब 23 अक्टूबर 2018 की रात नाहरपुरा क्षेत्र में लोगो को पैंथर नजर आने से लोगों में भय हो गया है। क्षेत्र का अधिकांश भाग पथरीला होने से ऐसे हिंसक जीव के पगमार्ग लेने में भी समस्या है।

पानी के अभाव में विचरण करते वन्य जीव
क्षेत्र में इस बार कम वर्षा के कारण जल स्रोत सूखे पड़े हैं। इससे वन्यजीव पेयजल की तलाश में आबादी क्षेत्र की ओर रुख कर जाते हैं। वन विभाग का मानना है कि पानी की तलाश में वन्यजीव आबादी क्षेत्र में आते हैं। ग्रामीणों को सतर्क रहने वे मवेशियों की सुरक्षा करने को कहा है।

इनका कहना
नाहरपुरा क्षेत्र में रात्रि में पैंथर नजर आने की सूचना मिली है। ग्रामीणों को विभाग द्वारा सतर्क किया जा रहा है। वन्यजीव पानी की तलाश में भटक कर आबादी क्षेत्र में आ जाते हैं। -रोशनलाल, क्षेत्रीय वन अधिकारी, रेंज सेन्दड़ा