पाली में कार मालिक तक पहुंची पुलिस, राजू उर्फ फौजी पकड़ से दूर

-एक महीने से अधिक समय के बाद भी नागौर पुलिस खाली हाथ
-भीलवाड़ा में दो जवानों की हत्या में भी शामिल है राजू

By: Suresh Hemnani

Published: 21 Jul 2021, 07:46 AM IST

पाली/नागौर। कुख्यात तस्कर राजू उर्फ फौजी और उसके दो साथी का भले ही पुलिस एक महीने से अधिक अर्सा गुजरने के बाद भी पता नहीं लगा पाई हो पर उनकी कार के मालिक तक वो जरूर पहुंच गई। कार पाली के एक गांव में रहने वाले एक शख्स के नाम निकली। फौजी को कार उसने किसके जरिए दी, उसे भी पुलिस ने रडार पर लिया है।

जानकारों का कहना है कि गत 15 जून को नाकाबंदी में पुलिस को छकाते हुए यह कार पुलिस को रातंगा गांव के जंगलों में मिली थी। वन विभाग की तारबंदी में लावारिस मिली इस कार का टायर पंचर था। कार में बैग, हेलमेट के साथ दो नंबर प्लेट भी बरामद हुई थी। इसके बाद पुलिस ने तीन-चार दिन तक आसपास के इलाकों की खाक छानी, लेकिन राजू उर्फ फौजी और उसके दोनों साथियों का कुछ पता नहीं चला। इसके बाद कार के मालिक तक पहुंचने में पुलिस जुटी। पाली के एक गांव के शख्स के नाम यह कार निकली। पता चला है कि पुलिस ने इस संबंध में कुछ लोगों को हिरासत में रखकर भी पूछताछ भी की है।

भीलवाड़ा की टीम भी कर रही तलाश
सूत्र बताते हैं कि नागौर ही नहीं भीलवाड़ा की स्पेशल टीम भी राजू उर्फ फौजी की तलाश में जुटी है। गत दस अप्रेल की रात मध्यप्रदेश से डोडा-चूरा तस्करी कर ला रहे तस्करों ने कोटड़ी और रायला थाना क्षेत्र में फायरिंग की थी। इस फायरिंग में कोटड़ी थाने के ओंकार रायका और रायला थाने के सिपाही पवन चौधरी की मौत हो गई थी। रायला थाने के पवन चौधरी को राजू उर्फ फौजी ने गोली मारी थी। राजू उर्फ फौजी तो वहां से भाग छूटा पर उस मामले में जोधपुर जिले के सुनील डूडी समेत ग्यारह जने गिरफ्तार हो चुके थे। नागौर पुलिस के अलावा आईजी अजमेर की स्पेशल टीम, एसओजी, एटीएस के साथ भीलवाड़ा पुलिस भी इनकी तलाश में जुटी है।

राजू की सूचना पर हुई थी नाकाबंदी
14 जून को कार में राजू उर्फ फौजी अपने दो साथियों के साथ जा रहा है, इस सूचना पर कई दिनों तक नाकाबंदी से पूरा नागौर जिला थम गया था। राजू पर हत्या के प्रयास समेत आम्र्स एक्ट का एक मामला मेड़ता थाने में 25 नवंबर 2017 को दर्ज हुआ था। वो तब से फरार है।

कार राजू तक कैसे पहुंची
सूत्र बताते हैं कि भीलवाड़ा में राजू उर्फ फौजी की तलाश चल रही थी कि अचानक 14 जून को उसके कार से लाडनूं नाकाबंदी तोड़ते हुए जायल तक दिखी फिर गायब हुई और बाद में लावारिस हालत में कार तो मिली पर उसमें सवार बताए जाने वाले राजू उर्फ फौजी और उसके साथी गायब हो गए। अब सवाल यह भी उठ रहा है कि कार पाली के इस गांव से उठी या दी गई? फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

Suresh Hemnani
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