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विधानसभा चुनाव : प्रत्याशियों को सार्वजनिक करने होंगे आपराधिक मामले

-निर्वाचन आयोग ने जारी किए निर्देश-सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना में जारी हुई गाइड लाइन

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पाली

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Suresh Hemnani

Nov 02, 2018

Rajasthan Assembly election 2018

विधानसभा चुनाव : प्रत्याशियों को सार्वजनिक करने होंगे आपराधिक मामले

पाली। विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों को आपराधिक मामलों की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना में निर्वाचन आयोग ने इस बारे में गाइड लाइन जारी की है। जिसके तहत प्रत्याशी को अपने खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी 3 बार प्रदेश के बड़े अखबारों और न्यूज चैनलों पर जारी करनी होगी। यह खर्च प्रत्याशी के व्यय में जोड़ा जाएगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी सुधीर कुमार शर्मा ने बताया कि प्रत्याशी को नाम वापस लेने की अंतिम तारीख से लेकर मतदान की तारीख के बीच अलग-अलग दिनों में तीन बार प्रदेश के प्रमुख अखबारों और समाचार चैनलों में विज्ञापन जारी कर अपने खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। प्रत्याशी को नामांकन फार्म में अपनी चल-अचल सम्पति और शैक्षणिक योग्यता के बारे में भी बताना होगा।

नामांकन पत्र में 26 बदलाव
चुनाव आयोग ने नामांकन पत्र में 26 बदलाव किए है। विधानसभा चुनाव के परिणामों में विजयी प्रत्याशियों को परिणाम जारी होने के 30 दिन के अंदर यह प्रमाण चुनाव आयोग के समक्ष पेश करना होगा कि उन्होंने किन-किन अखबारों और न्यूज चैनलों में अपने आपराधिक मामलों की जानकारी सार्वजनिक की थी। राजनीति का आपराधीकरण रोकने और पारदर्शिता लाने के लिए यह निर्णय किया गया है। यदि कोई प्रत्याशी किसी दल विशेष से चुनाव लड़ता है तो उसे अपनी पार्टी को भी इस बारे में जानकारी देनी होगी। राजनीतिक पार्टियों को भी अपनी वेबसाइट पर अभ्यर्थियों के संबंध में यह जानकारी अपलोड करनी होगी। उन्होंने बताया कि आपराधिक मामलों को निर्धारित फोंट साइज (जो कि 12 तय किया गया है) में सार्वजनिक करना होगा। इसमें खास बात यह है कि अपराध का क्रम तय रहेगा। इसके तहत हाल ही में दर्ज अपराध या प्रकरण पहले नंबर पर रहेंगे।

जब्त राशि व वस्तु का विवरण देना होगा
विधानसभा आम चुनाव के तहत जिले में नकद राशि व वस्तुओं की जब्ती का विवरण व सीडी प्रस्तुत करनी होगी। जिला निर्वाचन अधिकारी शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चुनाव के तहत उडऩ दस्ता, स्थैतिक निगरानी दल, पुलिस एवं अन्य विभागों की ओर से नकद राशि व वस्तुओं की जब्ती करने पर उसकी विवरणनात्मक सूचना एवं सीडी निर्धारित प्रपत्र में भारत निर्वाचन आयोग को तत्काल प्रेषित करनी होगी।