
Rajasthan News: पाली शहर के कन्या महाविद्यालय में प्रवेश लेने के बाद बालिकाएं कॉलेज जाना तक पसंद नहीं करती थी। वहां व्याख्याता नहीं होने के कारण जाने का कोई औचित्य भी नहीं था, लेकिन अब बालिकाएं कॉलेज जाएंगी भी और अध्ययन भी करेंगी। कॉलेज में छह व्याख्याताओं की नियुक्ति के आदेश जारी किए गए हैं। ये आदेश एक माह के लिए हुए हैं, जबकि एक माह बाद कॉलेज को विद्या सबल योजना के तहत राजसेस के तहत शुरू किए गए संकाय में भी व्याख्याता लगाने की स्वीकृति मिल गई है, जिसकी कॉलेज की ओर से तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
कन्या महाविद्यालय खुलने के बाद से लेकर अब तक सभी विषयों के व्याख्याताओं की नियुक्ति नहीं की गई थी। कॉलेज में विज्ञान वर्ग में गणित व जीव विज्ञान के दो सेक्शन 80-80, कला में वर्ग के तीन सेक्शन 80-80 तथा कॉमर्स में के दो सेक्शन 80-80 बालिकाओं के है। इनमें से महज वाणिज्य संकाय के विषय पढ़ाने के लिए व्याख्याता हैं। कला संकाय में महज हिन्दी के व्याख्याता थे। वहीं विज्ञान वर्ग में एक भी व्याख्याता नहीं थे। इसे लेकर राजस्थान पत्रिका ने 13 जून के अंक में केवल नियमित बनने के लिए कॉलेज में प्रवेश, पढ़ाई वहां नहीं होती…शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर हालात उजागर किए। इसके बाद तुरन्त कार्रवाई करते हुए आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा की ओर से 6 व्याख्याताओं की नियुक्ति के आदेश जारी किए गए हैं।
कॉलेज में अंग्रेजी विषय के लिए उषा व्यास नियुक्ति की गई है। वहीं राजनीति विज्ञान के लिए दुर्गा खत्री, वनस्पतिशास्त्र के लिए संतोष चौधरी, प्राणी शास्त्र के लिए महेश वैष्णव, रसायन शास्त्र के लिए सत्यपालसिंह व भौतिक शास्त्र के लिए अनिल कुमार सिसोदिया को नियुक्त किया गया है।
कॉलेज में लबे समय से व्याख्याताओं की कमी थी। अभी एक माह के लिए एक माह के लिए पाली के साथ अजमेर व टोंक से भी व्याख्याता लगाए गए हैं। इसके बाद विद्या सबल के तहत हर संकाय में व्याख्याता लगाने की स्वीकृति मिल गई है।
Updated on:
25 Jun 2024 02:47 pm
Published on:
25 Jun 2024 02:45 pm
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