
रेलवे की महत्वाकांक्षी योजना के तहत रेवाडी से पालनपुर तक के डबल ट्रेक का कार्य साल के अंत तक पूरा होने की उम्मीद
पाली. रेलवे की महत्वाकांक्षी योजना वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना के तहत रेवाड़ी से पालनपुर तक के डबल ट्रैक का कार्य इस साल के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके साथ ही अजमेर के मदार से पालनपुर तक के दोहरीकरण के कार्य ने भी रफ्तार पकड़ ली है। सब कुछ उम्मीद के मुताबिक हुआ तो अगले साल के प्रारंभ में अजमेर से गुजरात तक रेलवे ट्रैक ना सिर्फ पूरी तरह गुड्स ट्रेनों से मुक्त हो जाएगा, बल्कि विद्युतीकरण से यात्री ट्रेनों की रफ्तार भी 100 से 150 किलोमीटर तक हो सकेगी। इसके लिए अजमेर रेल मंडल के मदार से पालनपुर तक करीब 357 किलोमीटर लंबी लाइन के लिए अधिकांश जगह मिट्टी डालकर रेलवे ट्रैक का आधार तैयार किया जा चुका है। काम पूरा होने के बाद डीएफसीसी के नए ट्रैक पर सिर्फ डबल डेकर मालगाडिय़ां दौड़ेंगी। अभी बांगड़ ग्राम से गुडिय़ा के बीच दोहरीकरण का शेष कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। इसके बाद धीरे-धीरे इस ट्रैक पर सिर्फ पैसेंजर ट्रेन दौड़ेगी।
अभी 20 से 40 किमी की रफ्तार
इस परियोजना के पूरा होने के बाद देश की लदान प्रणाली सशक्त हो सकेगी। वर्तमान में जहां क्रॉसिंग और यात्री गाडिय़ों को प्राथमिकता देने के कारण गुड्स ट्रेन की रफ्तार करीब 40 किलोमीटर प्रतिघंटा हैं, वहीं डीएफसीसी के पूरा होने के बाद मालगाड़ी की रफ्तार बढकऱ 75 से 120 किलोमीटर प्रतिघंटा हो सकेगी। सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि यात्री ट्रेनों का ट्रैक पूरी तरह मालगाडिय़ों से मुक्त हो जाएगा। साथ ही, यात्री ट्रेनों की रफ्तार भी बढ़ेगी। अभी मारवाड़ की ओर से सोजत खंड तक तथा अजमेर की ओर से बांगड़ से दौराई खंड में कार्य करवाया जा चुका है।
Published on:
20 May 2018 02:51 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
