
सेवाड़ी .
आदिवासी क्षेत्र के कोयलवाव ग्राम पंचायत की सरपंच ने मौसमी बीमारियों के प्रकोप से बीते एक माह में 14 लोगों की मौत का आरोप लगाया है। चिकित्सा विभाग भी अंदरूनी क्षेत्र में अंधविश्वास के कारण पुख्ता चिकित्सा व्यवस्था नहीं होने की बात स्वीकार रहा है। लेकिन, इन 14 मौतों का कारण मौसमी बीमारियां नहीं बताया गया है।
कोयलवाव सरपंच सीता देवी गरासिया ने एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि बीते एक माह में उल्टी, दस्त, पेट दर्द, तेज बुखार से 14 लोगों की मौत हो चुकी है और अभी मौतों का सिलसिला जारी है। इनमें युवक-युवतियां, बड़े-बुजुर्ग व बच्चे भी शामिल है। इधर, चिकित्सा विभाग का दावा है कि इन मौतों में कुछ स्वाभाविक मौत और कुछ टी.बी जैसी बीमारी से मौतें भी शामिल है।
इनकी हुई मौत
हीरावतों की फली में किशनाराम(3) पुत्र भीमाराम, लालाराम (1) पुत्र भैराराम, काली कुमारी (3) पुत्री रमेश कुमार, उत्तम कुमार (5) पुत्र मुगलाराम, राधी कुमारी (4) पुत्री रणाराम, वोसिया फली में लीला कुमारी (4) पुत्री दियानाराम की मौत होना बताया गया है। इसी प्रकार केकु बाई (46) पत्नी खीमाराम, चनवा फली में हुसाराम (5 माह) पुत्र गोपाराम, चतरी (12) पुत्री सिगाराम, कुरका फली में शामना कुमारी (10) पुत्री मोवनाराम, विक्रम कुमार (9 माह) पुत्र मादाराम, ज्योत्सना कुमारी (2) पुत्री विरमाराम, किसना कुमारी (15) पुत्री नाथूराम, कोबाफली में अंताराम (25) पुत्र गेनाराम की मौत होना बताया गया है।
चिकित्सा सेवाएं सुचारु नहीं
क्षेत्र में मौसमी बीमारी उल्टी दस्त, पेट दर्द, तेज बुखार से 14 लोगों की मौत हो चुकी है। आदिवासी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थायी व्यवस्था नहीं होने से लगातार मौतें हो रही हैं। क्षेत्र मौसमी बीमारी से कोई भी घर बाकी नहीं है।
- सीता देवी गरासिया, सरपंच कोयलवाव
शिविर लगाकर जांचा था स्वास्थ्य
मौसमी बीमारी को लेकर पहले ही जगह-जगह टीमें गठित कर शिविरों का आयोजन किया गया था। मरीजों की जांच के साथ दवा भी दी गई। क्षेत्र में झाड़ फूंक का भी प्रचलन होने कई बार आदिवासी इनके चक्क र में पड़कर इलाज नहीं लेता है। सभी मौतें मौसमी बीमारियों से नहीं हुई है।
- डॉ. हितेन्द्र वागोरिया, ब्लॉक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बाली
Published on:
07 Oct 2017 11:33 am
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