1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भाई कुश्ती तो छोटी बहन जूड़ो में अव्वल, पाली का बढ़ाया मान

-भाई बहन ने नेशनल व स्टेट लेवल पर हिस्सा लेकर गोल्ड व सिल्वर मैडल जीते siblings won gold and silver medals at national and state levels :

2 min read
Google source verification

पाली

image

Suresh Hemnani

Dec 30, 2019

भाई कुश्ती तो छोटी बहन जूड़ो में अव्वल, पाली का बढ़ाया मान

भाई कुश्ती तो छोटी बहन जूड़ो में अव्वल, पाली का बढ़ाया मान

पाली/रायपुर मारवाड़। siblings won gold and silver medals at national and state levels : जिले के रायपुर कस्बे के सामान्य परिवार में जन्मे भाई बहन ने अपनी काबिलियत के दम पर आज कस्बे ही नहीं बल्कि देश भर में अपनी अलग पहचान कायम की है। भाई कुश्ती में तो बहन जूड़ो में अव्वल है। इन भाई बहन ने नेशनल व स्टेट लेवल पर हिस्सा लेकर गोल्ड व सिल्वर मैडल हासिल कर परिवार का नाम भी रोशन किया है।

हम बात कर रहे है जिले के रायपुर कस्बे के दर्जियों के मोहल्ले में रहने वाले श्यामलाल टेलर के पौत्र व पौत्रियों की है। श्यामलाल पेशे से टेलर है। इनके बेटे अशोक ने भी पिता से टेलर का काम सीखा और ब्यावर में अपनी दुकान लगा ली। अशोक ने शूट बनाने में ब्यावर में अलग पहचान बनाई है। अशोक का बेटा मंयक वर्तमान में ब्यावर के एसडी कॉलेज में बीपीए तृतीय वर्ष का विद्यार्थी हैं। मंयक ने अखाड़े में कुश्ती सीखी। 20वर्षीय मंयक अब तक सात बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुका है। जबकि पिछले साल दिल्ली में हुई राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता में राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया था। मंयक अब तक चार गोल्ड व सात सिल्वर मैडल हासिल कर चुका है।

बेटी भी कम नहीं
मंयक की छोटी बहन हर्षिता राखेचा जूड़ो की खिलाड़ी है। 17वर्षीय हर्षिता वर्तमान में कक्षा 12की छात्रा है। हर्षिता ने 57किलो गल्स प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर चार गोल्ड व पांच सिल्वर मैडल हासिल किए है। हर्षिता ने तीन माह पहलेे गुजरात के बडौदा में आयोजित हुए पांच राज्यो के वेस्ट गेम में हिस्सा लेकर प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मैडल हासिल किया। इसके बाद उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में आयोजित हुए राष्ट्रीय स्तरीय जूड़ो प्रतियोगिता में राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया।

बेटी को नहीं रखा घर की दहलीज तक
ब्यावर में जय भोले के नाम से पहचान रखने वाले अशोक राखेचा का कहना है कि वे उस परिवार में जन्मे हैं जहां बेटियों को घर की दहलीज तक सीमित रखा जाता था। लेकिन अशोक ने अपने बेटी को बेटे से कम नहीं समझा। बेटी का सपना था कि वो जूड़ो खिलाड़ी बने। अशोक ने बेटी का सपना पूरा करने के लिए उसे हर स्तर पर सहयोग किया। आज बेटी का सपना साकार देख अशोक के साथ इनका पूरा परिवार उत्साहित है। वही हर्षिता अपने पिता का यह सहयोग पाकर अपने आप को लक्की मानती है।

चैम्पियन भाई बहन की इकलौती जोडी
दर्जी समाज ही नहीं बल्कि रायपुर क्षेत्र में यह इकलौती भाई बहन की जोड़ी है जिन्होंने बीस साल से कम उम्र में कुश्ती व जूड़ो गेम में हिस्सा लेकर अलग पहचान बनाई है। आज समाज के साथ पूरे रायपुर कस्बे को इन भाई बहन पर नाज है।